वन भूमि हस्तांतरण के 10 लंबित प्रकरणों की डीएम ने की समीक्षा, एक सप्ताह में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
GIS जांच से लेकर क्षतिपूरक वृक्षारोपण तक तय की समयसीमा, अधिकारियों को आपसी समन्वय से लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश
टिहरी गढ़वाल, 24 अगस्त 2026। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में सोमवार को वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में लंबित 10 वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रस्ताव, रिपोर्ट और भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करते हुए मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विशेष रूप से क्षतिपूरक वृक्षारोपण, लैंड पार्सल के चयन, GIS परीक्षण और वन भूमि हस्तांतरण की SOP के अनुरूप कार्रवाई की प्रगति पर चर्चा की गई।
SOP के अनुसार हो कार्रवाई, GIS जांच में देरी न हो
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षतिपूरक वृक्षारोपण एवं वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित SOP का गंभीरता से अध्ययन कर उसी के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए लैंड पार्सल को लेकर यदि किसी प्रकार की तकनीकी या अन्य समस्या सामने आती है, तो संबंधित भूमि का GIS एक्सपर्ट से उसी दिन परीक्षण कराया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि GIS परीक्षण के बाद अधिकतम तीन दिनों के भीतर संबंधित प्रभारी वनाधिकारी को भूमि की उपयुक्तता के संबंध में जानकारी उपलब्ध करा दी जाए। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए एक सप्ताह के भीतर वन भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई पूर्ण करने का प्रयास किया जाए।
नैर से पुजाल्डी मोटर मार्ग के लिए भूमि प्रस्ताव अपेक्षित
बैठक में राज्य योजना के अंतर्गत टिहरी विधानसभा क्षेत्र में नैर से पुजाल्डी तक मोटर मार्ग निर्माण के प्रकरण की समीक्षा की गई।
बताया गया कि उपजिलाधिकारी धनोल्टी स्तर से भूमि चयन की प्रक्रिया के बाद ग्राम घनसी, तहसील नैनबाग की भूमि से संबंधित प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाना अपेक्षित है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।
तेलुंगा सड़क के लिए सांदणा की भूमि चिह्नित
प्रतापनगर क्षेत्र में तेलुंगा तक सड़क निर्माण से संबंधित प्रकरण में प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा ग्राम सांदणा, उप तहसील मदननेगी की भूमि को क्षतिपूरक वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त पाया गया है।
बैठक में बताया गया कि इस संबंध में आवश्यक प्रस्ताव उपजिलाधिकारी प्रतापनगर के स्तर से उपलब्ध कराया जाना अपेक्षित है। जिलाधिकारी ने प्रस्ताव को समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
रैंका महरगांव-मुखेम मोटर मार्ग के लिए तीन लैंड पार्सल
प्रतापनगर क्षेत्र के रैंका महरगांव से मुखेम मोटर मार्ग के प्रकरण में प्रभागीय वनाधिकारी टिहरी को तहसील जाखणीधार के अंतर्गत ग्राम गौसारी आदि के कुल तीन लैंड पार्सल क्षतिपूरक वृक्षारोपण के लिए प्राप्त हुए हैं।
इस प्रकरण में वन विभाग के स्तर से आवश्यक रिपोर्ट प्राप्त किया जाना अपेक्षित है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने को कहा।
नीम बीच और धनोल्टी क्षेत्र के मामलों पर भी चर्चा
नीम बीच के पास वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित मामले में उपजिलाधिकारी कीर्तिनगर को पत्र प्रेषित किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने प्रकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए।
वहीं धनोल्टी क्षेत्र के मसोन, कांडी, द्वारगढ़ से जयद्वार-सुरांचु तक मोटर मार्ग निर्माण के लिए भूमि चयन के संबंध में कुल 27 लैंड पार्सल की सूची प्रेषित की गई है। संबंधित अधिकारियों को भूमि चयन एवं आगे की प्रक्रिया में आवश्यक समन्वय बनाए रखने को कहा गया।
विकास परियोजनाओं में वन भूमि हस्तांतरण की समयबद्ध प्रक्रिया पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। इसके लिए राजस्व, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित उपजिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में प्रस्ताव, रिपोर्ट अथवा भूमि चयन की कार्रवाई लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में अनावश्यक देरी न हो।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों एवं पर्यावरणीय प्रावधानों के अनुरूप पूरी की जाए और सभी आवश्यक औपचारिकताओं को समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
