महादेव मंदिर छाती से निकली बारात नकोट पहुंची, ग्रामीणों व मातृशक्ति की सजीव उपस्थिति में विवाह सम्पन्न, रसोईया की दाल-भात बनी प्रसाद का आकर्षण।
नकोट, टिहरी गढ़वाल।
श्री महादेव ग्राम छाती में आयोजित शिव महापुराण के पांचवें दिन आज शिव-पार्वती विवाह का भव्य आयोजन श्रद्धा व भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ। आयोजन ने धार्मिकता के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता और ग्रामीण सहभागिता का भी संदेश दिया।
विवाह आयोजन की शुरुआत श्री महादेव मंदिर छाती से निकली भगवान शिव की बारात के साथ हुई, जिसमें ग्रामीणों की भारी भीड़ सम्मिलित हुई। बारात एक हुजूम के रूप में उत्सव के माहौल में ग्राम नकोट पहुँची, जहाँ पर माता पार्वती के मायके का मंचन किया गया था। पूरे क्षेत्र में धार्मिक गीतों, नगाड़ों और जयकारों की गूंज सुनाई दी।
शिव-पार्वती विवाह विधि-विधान से सम्पन्न हुआ, जिसमें ग्रामीणों, स्थानीय महिलाओं (मातृशक्ति) और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विवाह के उपरांत बारात पुनः श्री महादेव मंदिर, छाती लौटी, जहाँ दोपहर बाद महापुराण कथा का प्रवचन, विशेष आरती और फिर प्रसाद स्वरूप रसोईया की प्रसिद्ध दाल-भात का वितरण हुआ।
रसोईया की दाल-भात, जो कि स्थानीय व्यंजनों का स्वादिष्ट प्रतीक है, ने सभी श्रद्धालुओं और बारातियों को आत्मिक संतोष प्रदान किया। आयोजन में सामूहिक भागीदारी, धार्मिक अनुशासन और ग्रामीण संस्कृति की झलक देखने को मिली।
ग्रामीण संस्कृति, लोक परंपरा और धार्मिक आयोजनों के इस संगम ने पूरे क्षेत्र को एक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस आयोजन ने स्थानीय धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक उत्सवों की संभावनाओं को भी बल दिया।

