महंगाई पर राकेश राणा का सरकार पर हमला, बोले-‘आम आदमी की रसोई पर बढ़ता बोझ, बाजार से सरकारी नियंत्रण गायब’
फल-सब्जियों से लेकर खाद्य तेल तक बढ़े दामों पर कांग्रेस महासचिव ने उठाए सवाल; मंडी समितियों और विपणन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी साधा निशाना
नई टिहरी। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त महासचिव राकेश राणा ने प्रदेश में लगातार बढ़ रही महंगाई को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवश्यक खाद्य वस्तुओं और दैनिक उपयोग की सामग्री के बढ़ते दामों पर सरकार का खुदरा बाजार में प्रभावी नियंत्रण दिखाई नहीं दे रहा है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम उपभोक्ता, गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
राकेश राणा ने कहा कि महंगाई लगातार आम आदमी की कमर तोड़ रही है, लेकिन बाजार में कीमतों की निगरानी और नियंत्रण के लिए जिम्मेदार सरकारी तंत्र प्रभावी रूप से सक्रिय नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि फल, सब्जियों, खाद्य तेल और अन्य रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय है।
मंडी समितियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने राज्य सरकार द्वारा गठित कृषि उपज मंडी समितियों, विपणन विभाग और मंडी बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब बाजार में आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं तो संबंधित विभाग और मंडी समितियां कीमतों की निगरानी किस स्तर पर कर रही हैं, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में मूल्यवृद्धि पर प्रभावी निगरानी का अभाव होने के कारण आम उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमतों पर सामान खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
फल-सब्जियों और खाद्य तेल की कीमतों में बढ़ोतरी पर चिंता
राकेश राणा ने कहा कि पिछले कुछ समय से फल एवं सब्जियों के साथ-साथ खाद्य तेल तथा अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। उन्होंने नारियल गोले का उदाहरण देते हुए कहा कि इसकी कीमत पिछले छह माह में बढ़कर लगभग 500 रुपये तक पहुंच गई है, जो आम उपभोक्ता की पहुंच से बाहर होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मूल्यवृद्धि का सीधा असर परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है और सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को होती है जिनकी आमदनी सीमित है।
गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
कांग्रेस नेता ने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर गरीब, मध्यम वर्ग और रोज कमाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। एक ओर आमदनी सीमित है और दूसरी ओर रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें बढ़ती जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को केवल आंकड़ों और घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय बाजार में वास्तविक स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर हो कार्रवाई
राकेश राणा ने कहा कि यदि संबंधित विभाग और मंडी समितियां बाजारों की नियमित निगरानी करें तथा जमाखोरी, कालाबाजारी और अनियंत्रित मूल्यवृद्धि के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करें तो आम जनता को बड़ी राहत मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में अचानक होने वाली बढ़ोतरी की वजहों की जांच की जानी चाहिए और यदि कहीं कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ाने या उपभोक्ताओं से मनमानी कीमत वसूलने की शिकायत मिलती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
सरकार से नियमित मूल्य समीक्षा की मांग
राकेश राणा ने प्रदेश सरकार से मांग की कि आवश्यक खाद्य वस्तुओं, फल-सब्जियों और खाद्य तेलों की कीमतों की नियमित समीक्षा की जाए। साथ ही खुदरा बाजार में कीमतों की निगरानी के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी आम जनता को राहत पहुंचाना है। जनता को बढ़ती महंगाई के भरोसे छोड़ने के बजाय सरकार को बाजार में प्रभावी हस्तक्षेप करते हुए उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करनी चाहिए।
