रीति-रिवाजः यहां पालकी नहीं घोड़े पर सवार होके जाते हैं दूल्हे राजा व उसके मामा
टिहरीः उत्तराखण्डी संस्कृति में विविधता में एकता आज भी कायम है। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग रीति-रिवाज देखने को मिलते हैं। संयोगवश यहां गौंसारी वार्ड के जिला पंचायत सदस्य सत्येन्द्र सिंह धनोला के बेटे राहुल के विवाह समारोह में शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ। बारात उनके डांडाचली निवास से टिपरी गांव को गई। वैवाहिक समारोह में मखलोगी प्रखण्ड ही नहीं जिले भर की जानी-मानी हस्तियां शरीक हुई।
रात्रि को रिशेप्शन कार्यक्रम डांडाचली उनके धनोला फार्म हाऊस में सम्पन्न हुआ। सुबह एक दिवसीय बारात टिपरी गांव को प्रस्थान हुई। अच्छी मेहमान नवाजी हुई। टिपरी गांव में बारात पहुंची तो यहां एक नया रिवाज देखने को मिला। हमारे इलाके में दूल्हा पालकी में बैठकर दुल्हन के यहां जाता है, मगर यहां दुल्हन वालों ने दूल्हे के अलावा दूल्हे के मामा के लिए भी घोड़े की व्यवस्था कर रखी थी। जहां दूल्हे के साथ दूल्हे के मामा भी अलग से घोड़े पर सवार होकर बारात लेकर दुल्हन के घर गए।
बारात में जहां सैकड़ों बारातियों का हुजूम दुल्हन के घर गया, वहीं शाह पट्टे में चार दर्जन से अधिक मेहमानों ने दुल्हन के घर पहुंचकर मेहमान नवाजी का आनन्द उठाया। बारातियों में जिले भर के राजनीतिज्ञ, कांग्रेस नेताओं समेत भाजपा के सर्वाधिक नेताओं ने शिरकत की। भाजपा के पूर्व विधायक डा. धनसिंह नेगी समेत अनेक राजनीतिक हस्तियां, समाजसेवी, वरिष्ठ नागरिक राहुल एवं रीतिका के विवाह समारोह में शरीक हुए। जिला पंचायत सदस्य सत्येन्द्र धनोला के बालक राहुल व रीतिका को नव दाम्पत्य जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं।
