आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर जोर: टिहरी में उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने की समीक्षा बैठक
“आपदा से पूर्व तैयारियां ही हमारी सजगता का परिचय” – विनय रुहेला
पिछले साल की आपदाओं से मिली सीखों पर चर्चा, जनप्रतिनिधियों और विभागों के समन्वय से राहत कार्यों में सुधार पर जोर
टिहरी, 27 फरवरी, 2025
“आपदा से पूर्व तैयारियां ही हमारी सजगता का परिचय देती हैं,” यह बात उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार, नई टिहरी में आयोजित आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक के दौरान कही। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आपदा राहत इंतजामों और पिछले वर्ष की आपदाओं से मिली सीखों पर चर्चा की गई।
आपदा प्रबंधन में सुधार की जरूरत पर जोर
विनय रुहेला ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को निर्देश दिए कि आपदा राहत कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान सिर्फ पत्राचार से नहीं होता, बल्कि जमीनी स्तर पर समाधान पर ध्यान देना चाहिए। सभी अधिकारियों से आग्रह किया गया कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा करें और समय-समय पर अपने कार्यक्षेत्र में जन संवाद स्थापित करें।
आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मुआवजा वितरण और पुनर्वास की जानकारी
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पिछले साल घनसाली क्षेत्र की आपदा के दौरान राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भिलंगना, बालगंगा, और कीर्तिनगर तहसील में आपदा के कारण 8 लोगों की मृत्यु हुई थी, जिनके परिजनों को मुआवजा वितरित किया गया। इसके साथ ही, आपदा में हुई पशु हानि और क्षतिग्रस्त भवनों का भी मुआवजा दिया गया। भिलंगना और बालगंगा क्षेत्र के 200 परिवारों को विस्थापित कर सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वास किया गया, और इन क्षेत्रों में बिजली-पानी की वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई हैं।
आगामी योजनाओं पर चर्चा
बैठक में यह भी बताया गया कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों के पुनर्निर्माण कार्यों हेतु पीएमजीएसवाई के तहत 7 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सिंचाई विभाग द्वारा बूढ़ाकेदार क्षेत्र में 21 करोड़ रुपये के सुरक्षा कार्यों पर भी काम चल रहा है। इसके अलावा, गंगी गांव में सोलर ऊर्जा की जगह विद्युत लाइन स्थापित करने के लिए 12 किमी की लाइन अगले दो महीनों में तैयार की जाएगी।
सड़क निर्माण और अन्य विभागीय कार्यों की समीक्षा
उपाध्यक्ष ने सड़क निर्माण में डंपिंग जोन पर मलबा डालने के निर्देश दिए ताकि नए आपदा क्षेत्र न बनें। शिक्षा विभाग को आपदा में क्षतिग्रस्त स्कूलों का निरीक्षण करने और विद्युत, पानी, पंखों की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
इस बैठक में विधायक किशोर उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश नौटियाल, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, ब्लॉक प्रमुख सुनीता देवी, और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
