📰 स्टेट ASHA मेंटरिंग ग्रुप कोर समिति की बैठक में सुदृढ़ व संरचित मेंटरिंग पर जोर
देहरादून | 19 जनवरी, 2026
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के अंतर्गत आज देहरादून में स्टेट ASHA मेंटरिंग ग्रुप कोर समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. रश्मि पंत, निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में कार्यरत ASHA कार्यकर्ताओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुख बनाना रहा।
🩺 समुदाय और स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत कड़ी हैं ASHA
बैठक के दौरान सहायक निदेशक (कम्युनिटी प्रोसेसेज़) डॉ. अजय कुमार नागरकर ने ASHA कार्यक्रम पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि ASHA कार्यकर्ता विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन एवं स्वास्थ्य जागरूकता के लिए समुदाय स्तर पर एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभावी मेंटरिंग के माध्यम से ASHA कार्यकर्ताओं की क्षमताओं को और अधिक निखारा जा सकता है, जिससे जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर होगा।
📊 VHND, PLA व सामुदायिक मंचों पर लाभ उपयोग बढ़ाने के निर्देश
निदेशक एनएचएम डॉ. रश्मि पंत के मार्गदर्शन में यह निर्देशित किया गया कि ASHA मेंटरिंग के माध्यम से—
- VHND (Village Health & Nutrition Day)
- PLA बैठकें
- जन आरोग्य समिति
- अन्य सामुदायिक मंचों
पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के अधिकतम लाभ उपयोग (Benefit Utilization) को सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही Program Specific दृष्टिकोण अपनाते हुए ASHA मेंटरिंग समूह की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
🧩 संरचित मेंटरिंग ढांचे के विकास पर सहमति
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि ASHA कार्यकर्ताओं की ऑन-साइट मेंटरिंग को सशक्त बनाने हेतु—
- एक व्यवस्थित व संरचित मेंटरिंग फ्रेमवर्क
- तकनीकी मानकों का निर्धारण
- जिला, ब्लॉक व फील्ड स्तर पर बेहतर समन्वय
- सतत निगरानी एवं प्रभावी फीडबैक तंत्र
विकसित किया जाए। इससे ASHA कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता बढ़ेगी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति और अधिक प्रभावी होगी।
🎓 AIIMS ऋषिकेश के विशेषज्ञों की तकनीकी प्रस्तुति
बैठक में AIIMS ऋषिकेश से
- डॉ. वार्तिका सक्सेना (प्रमुख, सामुदायिक चिकित्सा विभाग)
- डॉ. सुमित सिंह (सहायक प्राध्यापक, सामुदायिक चिकित्सा विभाग)
द्वारा ASHA मेंटरिंग हेतु Structured Framework पर आधारित तकनीकी प्रस्तुति दी गई। उन्होंने कहा कि स्पष्ट ढांचा, नियमित मूल्यांकन और फील्ड आधारित सहयोग से ASHA कार्यकर्ताओं की भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बनाया जा सकता है।
🌍 स्थानीय जरूरतों के अनुरूप मेंटरिंग पर जोर
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि मेंटरिंग के दौरान स्थानीय आवश्यकताओं, भौगोलिक परिस्थितियों और सामाजिक संरचना को ध्यान में रखा जाए, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी हो।
बैठक में डॉ. कौशिकी, डॉ. अंकित, डॉ. हिमांशु, डॉ. पल्लवी धौलाखंडी, श्रीमती सीमा मेहरा सहित एनएचएम एवं संबद्ध संस्थानों के अधिकारी व विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
🗣️ डॉ. रश्मि पंत का वक्तव्य
डॉ. रश्मि पंत ने कहा—
“ASHA कार्यकर्ता हमारे स्वास्थ्य तंत्र की नींव हैं, जो समुदाय और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच सेतु का कार्य करती हैं। प्रभावी व संरचित मेंटरिंग से उनका आत्मविश्वास, कार्यकुशलता और परिणामों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति और अधिक प्रभावी रूप से हो सकेगी।”
