राजकीय महाविद्यालय मजरा महादेव में मनाया गया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, योग को बताया स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार
अर्धनारीश्वर मंदिर परिसर में हुआ सामूहिक योगाभ्यास, विशेषज्ञों ने योग के वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्यवर्धक महत्व पर डाला प्रकाश
पौड़ी गढ़वाल (मजरा महादेव), SKS News।
राजकीय महाविद्यालय मजरा महादेव में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए योगाभ्यास किया तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजेश कुमार ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक जीवन शैली है, जिसका मानव जीवन के प्रत्येक पक्ष पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में योग एक सुव्यवस्थित एवं वैज्ञानिक पद्धति के रूप में स्थापित हो चुका है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य संरक्षण, रोगों के उपचार, कार्यक्षमता वृद्धि, तनाव प्रबंधन तथा मनोदैहिक रोगों के नियंत्रण में प्रभावी रूप से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न विभिन्न शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं के समाधान में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को स्वस्थ, संतुलित एवं ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक सिद्ध होता है।
महाविद्यालय की योग प्रशिक्षिका श्रीमती सीमा ने महाविद्यालय परिसर एवं अर्धनारीश्वर मंदिर प्रांगण में प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे मानसिक तनाव एवं मनोदैहिक रोगों की रोकथाम में योग अत्यंत प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी योग को एक वैज्ञानिक एवं सुव्यवस्थित जीवन शैली के रूप में स्वीकार करता है, जिसके नियमित अभ्यास से अनेक गंभीर एवं प्राणघातक बीमारियों से बचाव संभव है। योग व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है।
कार्यक्रम में नमामि गंगे के नोडल अधिकारी इंद्रपाल सिंह रावत ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि नियमित योगासन एवं प्राणायाम से तनाव कम होता है, शरीर में लचीलापन बढ़ता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है तथा व्यक्ति निरोग एवं ऊर्जावान जीवन जी सकता है।
योग दिवस कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, ध्यान एवं प्राणायाम की तकनीकों का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. राकेश भट्ट, डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. गजराज नेगी, डॉ. अंकित कुमार सिंह, डॉ. सिद्धार्थ रजक, डॉ. आशीष घिल्डियाल एवं डॉ. चन्द्र बल्लभ नैनवाल का विशेष योगदान रहा।
इसके अतिरिक्त शिक्षणेतर कर्मचारियों उदयराम पंत, विक्रम सिंह रावत, वीरेन्द्र सिंह, गुलाब सिंह, मनोज रावत एवं सुनील सिंह ने भी कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक सफल एवं प्रेरणादायक बना दिया।
कार्यक्रम का समापन स्वस्थ, निरोग एवं संतुलित जीवन के लिए नियमित योगाभ्यास के संकल्प के साथ किया गया।

