सावन के पहले सोमवार पर टिहरी के शिवालयों में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंजा पूरा जनपद
श्रीमहादेव ग्राम छाती शिवालय, श्रीकुंजेश्वर महादेव, श्रीदेवलसारी महादेव, श्रीकोटेश्वर महादेव और बगासू महादेव में श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक; शिवरात्रि पर निःसंतान दम्पतियों की मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता ने आकर्षित किए दूर-दराज़ के श्रद्धालु
नकोट/चम्बा/टिहरी गढ़वाल | सरहद का साक्षी, डिजिटल मीडिया
सावन मास के प्रथम सोमवार पर देवभूमि उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जनपद के पौराणिक एवं ऐतिहासिक शिवालयों में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिरों के बाहर लगनी शुरू हो गईं। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का गंगाजल, दुग्ध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प और अक्षत से विधिवत रुद्राभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं विश्व कल्याण की कामना की।
टिहरी जिले के प्रसिद्ध श्रीमहादेव ग्राम छाती शिवालय, श्रीकुंजेश्वर महादेव, श्रीदेवलसारी महादेव, श्रीकोटेश्वर महादेव तथा चम्बा क्षेत्र के बगासू महादेव मंदिर सहित अनेक शिवालयों में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज़ क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन एवं पूजन के लिए पहुंचे।
श्रीमहादेव ग्राम छाती की अद्भुत पौराणिक मान्यता
टिहरी जनपद के नकोट क्षेत्र स्थित श्रीमहादेव ग्राम छाती का शिवालय अपनी प्राचीनता एवं चमत्कारिक मान्यताओं के कारण विशेष पहचान रखता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यदि कोई निःसंतान दम्पति महाशिवरात्रि की रात्रि इस मंदिर में जागरण कर भगवान शिव की आराधना करता है, तो भोलेनाथ की कृपा से उसकी संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष शिवरात्रि एवं सावन मास में यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
देवलसारी और कुंजेश्वर महादेव में विशेष पूजा-अर्चना
प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित श्रीदेवलसारी महादेव मंदिर तथा श्रीकुंजेश्वर महादेव में भी विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक एवं महामृत्युंजय जाप संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से परिवार की सुख-शांति, उत्तम स्वास्थ्य और प्रदेश की समृद्धि की कामना की।
श्रीकोटेश्वर महादेव और बगासू महादेव में उमड़ी भारी भीड़
टिहरी जनपद के सुप्रसिद्ध श्रीकोटेश्वर महादेव मंदिर तथा चम्बा क्षेत्र के बगासू महादेव मंदिर में भी सुबह से देर शाम तक दर्शनार्थियों की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसरों में भजन-कीर्तन, शिव चालीसा एवं शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ वातावरण को भक्तिमय बनाए रहा।
श्रद्धा, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का अद्भुत संगम
सावन का पहला सोमवार केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत उदाहरण भी बना। मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि तथा विश्व शांति की प्रार्थना की।
स्थानीय प्रशासन एवं मंदिर समितियों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गईं, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होती रही।
भगवान शिव की आराधना के इस पावन अवसर पर टिहरी जनपद के सभी प्रमुख शिवालयों में भक्तों की अपार आस्था ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक विरासत आज भी लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
