दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण को मिलेगा नया आधार, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के संचालन की कवायद तेज
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जिला प्रबंधन समिति की बैठक, विभिन्न संस्थाओं के अभिरुचि प्रस्तावों पर हुआ विस्तृत मंथन
टिहरी गढ़वाल, 30 सितंबर 2026। दिव्यांगजनों को पुनर्वास, परामर्श, सहायक उपकरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) के संचालन की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं से प्राप्त अभिरुचि प्रस्तावों की पात्रता, अनुभव, उपलब्ध संसाधनों तथा निर्धारित मानकों के आधार पर समीक्षा की गई। समिति ने संस्थाओं के प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए केंद्र के प्रभावी संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
दिव्यांगजनों को मिलेंगी विभिन्न पुनर्वास सेवाएं
जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रेष्ठा भाकुनी ने बैठक में DDRC की कार्यप्रणाली एवं इसके माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पुनर्वास एवं परामर्श, दिव्यांगता का आकलन, सहायक उपकरण, फिजियोथेरेपी एवं आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा कौशल विकास एवं स्वरोजगार संबंधी मार्गदर्शन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में भी केंद्र की भूमिका रहेगी।
संस्थाओं ने प्रस्तुत की संचालन कार्ययोजना
बैठक के दौरान विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने DDRC के संचालन से संबंधित अपनी कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया। इस दौरान संस्थाओं ने उपलब्ध मानव संसाधन, तकनीकी क्षमता, आवश्यक उपकरण, संचालित कार्यक्रमों और प्रस्तावित सेवाओं के संबंध में जानकारी दी।
इसके साथ ही अर्जुन पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं एवं लाभों के संबंध में भी प्रस्तुति दी गई।
निर्धारित मानकों पर प्रस्तावों का परीक्षण
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने विभिन्न संस्थाओं से प्राप्त अभिरुचि प्रस्तावों के संबंध में जानकारी लेते हुए उनकी पात्रता, अनुभव, उपलब्ध संसाधनों एवं प्रस्तावित कार्यों का निर्धारित मानकों के आधार पर परीक्षण किया।
उन्होंने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016, सोसायटी पंजीकरण अधिनियम-1860 तथा दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण सहित अन्य आवश्यक मानकों के संबंध में भी जानकारी ली।
बैठक में समिति द्वारा प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई किए जाने पर सहमति बनी। DDRC के संचालन से दिव्यांगजनों को स्थानीय स्तर पर विभिन्न पुनर्वास एवं सहायता सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में संस्थागत आधार तैयार होने की उम्मीद है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, सीएमएस टिहरी डॉ. बृजेश डोभाल, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

