स्वर्गीय महिमानंद कोहली की छठवीं पुण्यतिथि पर होगा स्वास्थ्य शिविर एवं प्रतिभा सम्मान समारोह
गरखेत में आयोजित होगा एक दिवसीय कार्यक्रम, ग्राफिक एरा चिकित्सालय देहरादून की टीम करेगी निःशुल्क स्वास्थ्य जांच
धनोल्टी/चंबा, सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’। छड़ी उद्योग के सूत्रधार एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे स्वर्गीय महिमानंद कोहली की छठवीं पुण्यतिथि के अवसर पर एक दिवसीय बहुउद्देशीय स्वास्थ्य शिविर एवं क्षेत्रीय प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम राजकीय इंटर कॉलेज गरखेत के प्रांगण में आयोजित होगा।
कार्यक्रम में ग्राफिक एरा चिकित्सालय, देहरादून की ओर से निःशुल्क बहुउद्देशीय स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। शिविर में क्षेत्र के लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार दवाओं का वितरण भी किया जाएगा।
इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली क्षेत्रीय प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में धनौल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार मुख्य अतिथि होंगे। ब्लॉक प्रमुख सीता पंवार, पूर्व सदस्य राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग सुश्री स्वराज विद्वान, जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत तथा एसडीएम धनौल्टी अंशुल भट्ट (आईएएस) विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
हर वर्ष आयोजित होता है स्वास्थ्य शिविर एवं प्रतिभा सम्मान
स्वर्गीय महिमानंद कोहली के सुपुत्र राजेंद्र कोहली ने बताया कि उनके पिता की स्मृति में प्रत्येक वर्ष बहुउद्देशीय स्वास्थ्य शिविर एवं क्षेत्रीय प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करना है।
छड़ी उद्योग को नई पहचान दिलाने में रहा योगदान
स्वर्गीय महिमानंद कोहली को जौनपुर क्षेत्र में छड़ी उद्योग को स्थापित करने और उसे पहचान दिलाने वाले प्रमुख व्यक्तियों में याद किया जाता है। सामाजिक चिंतन के स्तर पर वे गांधी दर्शन और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों से प्रभावित थे।
बताया जाता है कि जब जौनपुर क्षेत्र में आवागमन के साधनों और सड़कों का अभाव था तथा क्षेत्र अपेक्षाकृत पिछड़ा माना जाता था, उस दौर में महिमानंद कोहली ने ‘हरिजन छड़ी उद्योग सहकारिता लिमिटेड-थत्यूड़’ नाम से संस्था पंजीकृत कराई। स्वर्गीय किशन लाल योगी के सहयोग से उन्होंने छड़ी निर्माण एवं कारोबार को आगे बढ़ाया।
उनके द्वारा निर्मित छड़ियां क्षेत्र में ‘तीसरी टांग’ के नाम से भी जानी जाती थीं। जौनपुर क्षेत्र के अलावा मसूरी और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों तक उनकी बनाई छड़ियों की पहचान बनी।
युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास
परिजनों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुसार महिमानंद कोहली ने अपने प्रयासों और सोच के माध्यम से अनेक युवाओं को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया। कुटीर उद्योगों के विकास के साथ उन्होंने सामाजिक समरसता तथा वंचित एवं कमजोर वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी जोर दिया।
उनके पुत्र राजेंद्र कोहली द्वारा उनकी स्मृति में स्मारिका का प्रकाशन भी किया जाता है।
मोलधार में हुआ था जन्म
स्वर्गीय महिमानंद कोहली का जन्म 1939 में जौनपुर प्रखंड के मोलधार में एक अनुसूचित जाति के कोहली किसान परिवार में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा बंगशील तथा जूनियर हाईस्कूल थत्यूड़ में हुई।
वर्ष 1970 में उन्होंने सूखी-टूटी मौरू और खैरू की लकड़ियों से छड़ी उद्योग की शुरुआत की। वर्ष 1973 में वे अपनी ग्राम सभा मोलधार, न्याय पंचायत खेड़ा के लिए पंच चुने गए।
जीवनभर उन्होंने दलित एवं वंचित वर्गों के लोगों की सेवा और उन्हें सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए। सामाजिक समरसता, गरीब एवं जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को समझने और उनके उत्थान के लिए किए गए उनके कार्यों को आज भी क्षेत्र में याद किया जाता है।
9 अक्टूबर 2020 को 81 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ था। इसके बाद से प्रत्येक वर्ष उनके पुत्र राजेंद्र कोहली एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों की ओर से उनकी स्मृति में स्वास्थ्य शिविर और प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया जाता है।
