स्वरोजगार और स्वच्छता के क्षेत्र में सुषमा-संजय बहुगुणा का कार्य अनुकरणीय : पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी
रानीचौरी में आराधना धूपबत्ती प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे हेस्को निदेशक, महिला समूहों और नवाचार को बताया आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव
रिपोर्ट @ सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’
रानीचौरी/चंबा।
मानव अधिकार संरक्षण एवं ग्रामीण विकास समिति द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हेस्को के निदेशक एवं पद्मभूषण सम्मानित पर्यावरणविद् Anil Prakash Joshi ने रानीचौरी स्थित आराधना धूपबत्ती लघु उद्योग प्रशिक्षण केंद्र का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वरोजगार, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सुषमा बहुगुणा और संजय बहुगुणा द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान डॉ. जोशी ने कहा कि सुषमा एवं संजय बहुगुणा द्वारा वेस्ट प्रोडक्ट्स का उपयोग कर टोकरियां, हस्तनिर्मित वस्तुएं, खिलौने और घरेलू उपयोग की सामग्री तैयार की जा रही है, जो प्लास्टिक उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों से निर्मित “आराधना धूप” के माध्यम से स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं तथा हेस्को संस्था भविष्य में भी ऐसे प्रयासों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल (आईएएस) ने कहा कि शासन और प्रशासन का प्रयास रहता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रहे नवाचार आधारित उद्यमियों को अधिक से अधिक प्रोत्साहन एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
इससे पूर्व पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने चंबा में अमर शहीद गबर सिंह नेगी एवं श्रीदेव सुमन स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद वे सीधे रानीचौरी पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रीय जनता ने उनका भव्य स्वागत किया। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त ढोल वादक उत्तम दास ने पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की प्रस्तुति देकर अतिथियों का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में Uttarakhand University of Horticulture and Forestry से प्रो. अरविंद बिजल्वाण ने बताया कि डॉ. अनिल जोशी के कार्यों को विश्वविद्यालय में केस स्टडी के रूप में पढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्वों के अनुभव और विचार समाज तथा युवा पीढ़ी को नई दिशा प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य हर्षमणि बहुगुणा, उद्योग व्यापार मंडल टिहरी के कर्मवीर तोपवाल तथा अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कवि सोमवारी लाल सकलानी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से कार्यक्रम में साहित्यिक रंग भर दिया।
लगभग तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम में वेस्ट प्रोडक्ट्स के सदुपयोग एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले राजकीय इंटर कॉलेज रानीचौरी, राजकीय इंटर कॉलेज नागदेव (पथल्ड) तथा राजकीय इंटर कॉलेज नकोट के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा महिला स्वयं सहायता समूहों एवं ग्राम प्रधानों को भी उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन राकेश बहुगुणा ने किया। इस अवसर पर डॉ. विजय किशोर बहुगुणा, भूपेश कोठारी, नागरिक मंच अध्यक्ष सुंदरलाल उनियाल, राष्ट्रीय आजीविका मिशन से सी.एम. उनियाल, पूर्व प्रधानाचार्य चतर सिंह चौहान, चंबा थानाध्यक्ष विपिन बहुगुणा, राकेश कोठारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

