टीएचडीसी-आईएचटी से जुड़े लंबित प्रकरणों के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक, भूमि सीमांकन के दिए निर्देश
नई टिहरी स्थित संस्थान की भूमि पर अतिक्रमण और सीमांकन के मामलों पर हुई चर्चा, एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
नई टिहरी, टिहरी गढ़वाल, 29 मई 2026, SKS News।
जिलाधिकारी Nitika Khandelwal की अध्यक्षता में टीएचडीसी हाइड्रोपावर अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचटी), भागीरथीपुरम्, नई टिहरी से संबंधित लंबित प्रकरणों के निस्तारण हेतु समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संस्थान से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक, तकनीकी एवं भूमि संबंधी मामलों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान संस्थान के निदेशक द्वारा संस्थान की भूमि के सीमांकन की आवश्यकता पर बल देते हुए जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया। इस पर जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड तथा उप महाप्रबंधक (पुनर्वास) के साथ समन्वय स्थापित कर एक सप्ताह के भीतर भूमि का सीमांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कुछ व्यक्तियों द्वारा संस्थान की भूमि पर अनाधिकृत निर्माण कार्य किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी टिहरी की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति को मामले की विस्तृत जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर विस्तृत आख्या प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि संस्थान से जुड़े सभी मामलों में पारदर्शिता एवं विधिक प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन किया जाए।
बैठक में टीएचडीसी के महाप्रबंधक विजय सहगल, एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग योगेश कुमार, निदेशक टीएचडीसी-आईएचटी प्रो. एस.के. प्रधान, उप महाप्रबंधक (पुनर्वास) राकेश थपलियाल, तहसीलदार टिहरी धीरज राणा, वरिष्ठ प्रबंधक (पुनर्वास) शक्ति प्रसाद चमोली सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संस्थान से जुड़े लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान किया जाएगा, ताकि शैक्षणिक एवं विकासात्मक गतिविधियों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
