ई-पैक्स से गांवों को मिलेंगी डिजिटल सेवाएं, पैक्स समितियां बनेंगी मल्टीपर्पज सेंटर: डॉ. धन सिंह रावत
प्रदेश की 405 पैक्स समितियां ई-पैक्स में बदलीं, शेष के कम्प्यूटरीकरण में तेजी लाने के निर्देश
📰 देहरादून | 21 जनवरी 2026
प्रदेश में सहकारिता व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अब तक 405 पैक्स समितियों को ई-पैक्स में परिवर्तित किया जा चुका है। शेष पैक्स समितियों के डिजिटलीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। पैक्स समितियों के ई-पैक्स में रूपांतरण से संपूर्ण लेन-देन ऑनलाइन होगा, जिससे पेपरलेस कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलेगी।
प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि ई-पैक्स समितियां मल्टीपर्पज सेंटर के रूप में कार्य करेंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को डिजिटल सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। इससे किसानों, काश्तकारों, कारीगरों, युवाओं और महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
🌐 670 पैक्स समितियों का हो रहा डिजिटलाइजेशन
सहकारिता मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कुल 670 पैक्स समितियों का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। अभी तक 405 समितियों को ई-पैक्स में बदला जा चुका है। जनपदवार स्थिति इस प्रकार है—
अल्मोड़ा – 39, बागेश्वर – 12, चमोली – 47, चम्पावत – 21, देहरादून – 24, हरिद्वार – 27, नैनीताल – 20, पौड़ी – 49, पिथौरागढ़ – 58, रुद्रप्रयाग – 24, टिहरी – 42, ऊधमसिंह नगर – 17, उत्तरकाशी – 25, शेष समितियों में डिजिटलीकरण की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
📌 अधिकारियों को निर्देश
डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष पैक्स समितियों के कम्प्यूटरीकरण में तेजी लाई जाए, ताकि प्रदेश की सभी पैक्स समितियों को शीघ्र ही ई-पैक्स में बदला जा सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत किया जा सके।
🏦 मल्टीपर्पज सेंटर के रूप में ई-पैक्स
उन्होंने बताया कि ई-पैक्स को मल्टीपर्पज सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां—
बैंकिंग सेवाएं, डिजिटल भुगतान, सरकारी योजनाओं की जानकारी,
अन्य डिजिटल सेवाएं
ग्रामीणों को एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इससे गांवों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच और सशक्त होगी।
📊 ई-ऑडिट में भी बड़ी उपलब्धि
सहकारिता मंत्री ने जानकारी दी कि पैक्स समितियों का ई-ऑडिट भी किया जा रहा है—
वित्तीय वर्ष 2023-24 में 461 समितियों का ई-ऑडिट
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 420 समितियों का ई-ऑडिट
कई जनपदों में शत-प्रतिशत ई-ऑडिट पूरा किया जा चुका है, जिसे सहकारिता विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
