उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश को फिर खुला समर्थ पोर्टल, उच्च शिक्षा में 72 असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती
विभागीय मंत्री डॉ. रावत के निर्देश पर हुई कार्रवाई
13 सितम्बर तक होंगे ऑनलाइन एडमिशन, 14 को शुल्क जमा
देहरादून, 10 सितम्बर 2024: प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय विश्वविद्यालय परिसरों एवं सम्बद्ध निजी व सरकारी महाविद्यालयों में प्रवेश से वंचित रह गये छात्र-छात्राओं को एडमिशन के लिये एक और मौका मिलेगा। राज्य सरकार ने 11 से 14 सितम्बर तक एक बार फिर समर्थ पोर्टल को खोलने का निर्णय लिया है। अभी तक प्रवेश लेने से वंचित रह गये छात्र-छात्राएं समर्थ पोर्टल पर ऑनलाइन प्रवेश ले सकेंगे।
सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि प्रदेश में उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश से कोई भी छात्र-छात्राएं वंचित न रह जाय, इसके लिये विभाग ने एक बार फिर से समर्थ पोर्टल खोलने का निर्णय लिया है।
जिसके तहत प्रवेश से वंचित छात्र-छात्राएं 13 सितम्बर तक राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन प्रवेश ले सकेंगे तथा 14 सितम्बर तक प्रवेश शुल्क जमा कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक राज्य के कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय टिहरी तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा से सम्बद्ध शिक्षण संस्थानों में स्नातक एवं परास्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु 122458 छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं तथा 73637 ने प्रवेश ले लिया है। जिसमें स्नातक स्तर पर पंजीकरण कराने वाले छात्रों की कुल संख्या 94567 है तथा परास्नातक स्तर पर 27891 छात्रों ने पंजीकरण कराया है। जबकि स्नातक स्तर पर 60862 तथा परास्नातक स्तर पर 12775 छात्र-छात्राएं प्रवेश ले चुके हैं। जिसमें कुमाऊं विश्वविद्यालय के अंतर्गत स्नातक प्रथम सेमेस्टर के लिये 21722, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय 27925 तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में 11215 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया। इसी प्रकार परास्नातक स्तर पर कुमांऊं विश्वविद्यालय में 4695, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय 5389 तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में 2691 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया। डॉ. रावत ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा सूबे के प्रत्येक छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षित बनाना है जिसके लिये सरकार हर संभव प्रयास में जुटी है।
उच्च शिक्षा में 72 असिस्टेंट प्रोफेसरों को मिली तैनाती
विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने कहा दुर्गम क्षेत्रों में सुदृढ़ होगी उच्च शिक्षा
सूबे के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालयों में 72 नये असिस्टेंट प्रोफेसरों को तैनाती दी गई है। सभी नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों को प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र में आने वाले महाविद्यालयों में तैनाती दी गई है। जिससे यहां की शिक्षण व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।
सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि सरकार द्वारा प्रदेशभर के महाविद्यालयों में शिक्षकों के वर्षों से रिक्त पदों को भरने में जुटी है। जिसके तहत पिछले पांच-छह वर्षों में शिक्षकों के एक हजार से अधिक पदों को भरा जा चुका है। इसी क्रम में राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित विभिन्न विषयों के 72 असिस्टेंट प्रोफेसरों को भी प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित महाविद्यालयों में तैनाती दे दी गई है।
जिसमें अर्थशास्त्र विषय में 28, अंग्रेजी 25 व समाजशास्त्र में 19 सहायक प्राध्यापक शामिल है। नये 72 असस्टिंट प्रोफसरों को विभिन्न जनपदों यथा उत्तरकाशी में 03, अल्मोड़ा 12, पिथौरागढ़ 08, नैनीताल 01, टिहरी 06, पौड़ी 16, देहरादून 02, बागेश्वर 08, चमोली 12, चम्पावत 03 तथा रूदप्रयाग में 01 असस्टिंट प्रोफसरों को तैनाती दी गई है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा विभिन्न विषयों के लिये सहायक प्राध्यापकों के 455 पदों पर भर्ती का अधियाचन राज्य लोक सेवा आयोग को भेजा गया था। जिसमें से आयोग द्वारा 15 विषयों के 140 चयनित सहायक प्राध्यापकों की सूची विभाग को उपलब्ध कर दी गई है, जिनको विभाग द्वारा विभिन्न पर्वतीय जनपदों के महाविद्यालयों में तैनाती दे दी गई है। जबकि अवशेष 315 पदों पर चयन प्रक्रिया गतिमान है।
उन्होंने बताया कि अबतक उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षकों के लगभग 90 फीसदी से अधिक पदों को भरा जा चुका है। महाविद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती से पर्वतीय व दुर्गम क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर उच्च शिक्षा प्राप्त होगी।
डॉ. रावत ने बताया कि शिक्षकों की नियुक्ति महाविद्यालयों में नैक मूल्यांकन में सहायता मिलेगी साथ ही महाविद्यालय स्तर पर विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों का भी संचालन किया जा सकेगा।
