ऋषिकेश में देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 का पहला ओरिएंटेशन, छात्रों को मिला स्टार्टअप और स्वरोजगार का मार्गदर्शन
श्री देव सुमन उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में 76 विद्यार्थियों ने लिया भाग, विशेषज्ञों ने दिए उद्यमिता के गुर
ऋषिकेश | दिनांक: 2 अप्रैल 2026
देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 के अंतर्गत श्री देव सुमन उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश में प्रथम उद्यमिता ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना रहा।
🎓 युवाओं के लिए सशक्त मंच: प्रो. अनीता तोमर
कार्यक्रम की अध्यक्षता देवभूमि उद्यमिता योजना की नोडल अधिकारी एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन टूरिज्म की निदेशक प्रोफेसर अनीता तोमर ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि नवाचार, कौशल और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है।
💡 योजना की विस्तृत जानकारी और स्टार्टअप मार्गदर्शन
डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सुश्री सपना नेगी और श्री शुभम सिंह ने विद्यार्थियों को योजना की पंजीकरण प्रक्रिया, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, मेंटरशिप और स्टार्टअप स्थापित करने के विभिन्न चरणों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आज का दौर नवाचार और आत्मनिर्भरता का है, जहां युवा नौकरी लेने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बन सकते हैं।
🚀 सफलता की कहानी: मान्या राजपाल ने किया प्रेरित
कार्यक्रम में ₹75,000 की सीड फंडिंग प्राप्त करने वाली छात्रा मान्या राजपाल ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे इस योजना ने उनके विचार को सफल उद्यम में बदलने में मदद की।
उनकी सफलता की कहानी ने विद्यार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार किया।
🎯 व्यक्तित्व विकास और आत्मनिर्भरता पर जोर
परिसर निदेशक प्रोफेसर महावीर सिंह रावत ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और उद्यमशील सोच को बढ़ावा देते हैं।
वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एन.के. जोशी ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया।
📜 प्रमाण पत्र वितरण और उत्साहपूर्ण समापन
कार्यक्रम के अंत में डॉ. शालिनी रावत ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इस ओरिएंटेशन के प्रथम चरण में लगभग 76 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और कार्यक्रम का समापन सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह के साथ हुआ।
🧾 देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 जैसे प्रयास उत्तराखंड के युवाओं को आत्मनिर्भर और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह पहल भविष्य में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को नई दिशा दे सकती है।
