चैत्र दुर्गाष्टमी पर श्रीराजराजेश्वरी मंदिर जलेड में भव्य भंडारा, SDO अशोक कुमार ने किया आयोजन का संकल्प
नकोट क्षेत्र में आस्था का महापर्व—मखलोगी से लेकर पूरे टिहरी जनपद के श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण करने का आमंत्रण
नकोट (टिहरी गढ़वाल) | दिनांक: 22 मार्च 2026
देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है। इसी क्रम में टिहरी गढ़वाल जनपद के मखलोगी प्रखंड अंतर्गत जलेड स्थित श्रीराजराजेश्वरी मंदिर में चैत्र दुर्गाष्टमी के पावन अवसर पर एक भव्य एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जो क्षेत्रीय आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
इस धार्मिक आयोजन की विशेष बात यह है कि इसका आयोजन विद्युत वितरण उपखंड चंबा के उपखंड अधिकारी (SDO) श्री अशोक कुमार द्वारा किया जा रहा है। प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ उनकी धार्मिक आस्था और जनसंपर्क की यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
🙏 आस्था से सेवा तक: संकल्प की प्रेरणादायक कहानी
जानकारी के अनुसार, हाल ही में श्री अशोक कुमार अपने क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान जलेड स्थित श्रीराजराजेश्वरी मंदिर पहुंचे थे। मंदिर परिसर की आध्यात्मिक ऊर्जा और माता रानी के दर्शन से प्रभावित होकर उनके मन में यह भाव जागृत हुआ कि इस पावन स्थल पर भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन किया जाए।
इसी भाव से प्रेरित होकर उन्होंने चैत्र दुर्गाष्टमी के शुभ अवसर पर विशाल भंडारे का संकल्प लिया, जो अब साकार होने जा रहा है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, श्रद्धा और सामाजिक सहभागिता का संगम भी है।
🌺 चैत्र दुर्गाष्टमी का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष स्थान है, जिसमें दुर्गाष्टमी को अत्यंत शुभ और पुण्यदायक माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप की पूजा की जाती है और भक्तजन व्रत, पूजा-अर्चना, कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:
- इस दिन माता की कृपा से कष्टों का निवारण होता है
- जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है
- सेवा और दान का विशेष महत्व होता है
ऐसे में जलेड स्थित श्रीराजराजेश्वरी मंदिर में आयोजित यह भंडारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अवसर प्रदान करेगा।
🍛 भंडारे में क्या होगी विशेष व्यवस्था?
भंडारे को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की सहभागिता से आयोजन को सफल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
संभावित व्यवस्थाएं:
- श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की सुव्यवस्थित व्यवस्था
- मंदिर परिसर में साफ-सफाई और सजावट
- दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए सुविधाएं
- स्थानीय स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी
यह आयोजन केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग का भी उदाहरण बनेगा।
📣 SDO अशोक कुमार की अपील
उपखंड अधिकारी श्री अशोक कुमार ने मखलोगी क्षेत्र सहित समूचे टिहरी जनपद के श्रद्धालुओं से इस भव्य आयोजन में शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि—
👉 “यह भंडारा माता रानी की कृपा से आयोजित हो रहा है, जिसमें सभी भक्तजन सपरिवार पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करें और पुण्य के भागी बनें।”
🤝 सामाजिक समरसता का संदेश
ऐसे धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में एकता, भाईचारा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं।
ग्राम स्तर पर आयोजित होने वाले भंडारे:
✔ सामाजिक दूरी को कम करते हैं
✔ सामूहिक सहभागिता को बढ़ाते हैं
✔ सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं
🌄 स्थानीय लोगों में उत्साह
जलेड और आसपास के गांवों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता को भी बढ़ावा देते हैं।
श्रीराजराजेश्वरी मंदिर जलेड में आयोजित होने वाला यह विशाल भंडारा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और समाज को जोड़ने का माध्यम है।
चैत्र दुर्गाष्टमी के इस पावन अवसर पर यह आयोजन निश्चित रूप से श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार और पुण्यदायक अनुभव साबित होगा।
