जब कुछ बोयेंगे तभी तो काटेंगे भी! भेंट वार्ता, खरीदे मटर के बीज
चंंबा, सो.ला.सकलानी ‘निशांत’: आगामी फसल बुबाई के लिए आज किफायती दर पर मटर बीज की खरीदारी करने के पश्चात, आधा घंटा विभिन्न कृषि योजनाओं के बारे में उद्यान उप निरीक्षक महोदय से चर्चा की जिनका उन्होंने संतोषजनक उत्तर दिया और किस तरह से वे किसानों की सहायता करते हैं, सरकारी सेवक के रूप में अन्नदाता को समृद्ध बना
ने के लिए सरकारी सुविधाओं को कृषकों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं, तमाम पहलुओं पर भी विचार विमर्श किया।
पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना, ‘आत्मनिर्भर किसान- सफलता की पहचान’ आदि के बारे में उन्होंने विस्तृत जानकारी दी। योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में भी बताया कि किस प्रकार से मौसम आधारित फसल बीमा योजना किसान की फसल के हुए नुकसान की भरपाई करती है। साथ ही ऋणी किसान और गैर ऋणी किसान के लिए क्या-क्या आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से जमा करने होते हैं।
प्रीमियम के राशि, फसल और फलदार वृक्ष को बीम सुरक्षा कवच, पाली हाउस में शंकर टमाटर का उत्पादन आदि की जानकारी प्रदान की। एक बुकलेट उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तराखंड की भी भेंट की जिसका मैं सम्यक अध्ययन करने के बाद किसान भाइयों को जानकारियां दूंगा।
पाली हाउस में शंकर टमाटर का उत्पादन, किस्में, पौध तैयार करना, फसल बिमारियां, रोपण, सिंचाई का प्रबंधन ,रोग मुक्त फसल उगाना के बारे में भी जानकारियां दी।
प्रबंधन, विपणन आदि के बारे में भी बताया तथा अनेक फसलों को होने वाली संक्रमित बीमारियों और उनके उपचार के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी दी। कार्यालय में पूर्व परिचित विजय पाल चौहान और राम प्रसाद डबराल जी से भी भेंट हुई।
श्री विजय चौहान महादेव ग्राम छाती के निवासी हैं। जिस क्षेत्र में मैं आंशिक रूप से कभी शिक्षा विभाग में कार्यरत रहा और जब उनसे पूर्ण रूप से जानकारी प्राप्त की तो काफी हार्दिक खुशी भी हुई। बहुत नेक इंसान प्रथम परिचय में वे लगे और जिस तरह से उन्होंने एक किसान के रूप में व्यवहार किया, वह उनको अनुरणीय है। यद्यपि उन्हें कुछ समय पश्चात जब उन्हे पता लगा कि मैं शिक्षक भी रहा, लेखन और सामाजिक कार्यों में योगदान देता हूं तो इसके लिए उन्होंने आभार में प्रकट किया।उद्यान विभाग के बारे में विभिन्न योजनाओं को जनसाधारण तक पहुंचाने के लिए आग्रह भी किया।
