जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना की समीक्षा बैठक की, महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने पर जोर
प्रत्येक विकासखण्ड में उद्यमी महिलाओं की आय वृद्धि के लिए कृषि और उद्यमिता को बढ़ावा देने के निर्देश
टिहरी, 11 मार्च 2025:
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कलेक्ट्रेट सभागार में ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें विभिन्न विकासखण्डों के उद्यमी, असिस्टेंट मैनेजर, वित्त विभाग, सेल्स एंड मार्केटिंग के अधिकारी, जिला प्रोग्राम मैनेजर और खण्ड विकास अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था।
जिलाधिकारी ने सभी खण्ड विकास अधिकारियों और पीडी डीआरडीए को निर्देश दिए कि प्रत्येक विकासखण्ड में दो-दो प्रमुख उत्पाद क्षेत्रों को चुना जाए और उनका विकास किया जाए। कीर्तिनगर को रोजमेरी और डेंडिलियन की खेती पर ध्यान देने, चम्बा को फूलों की खेती बढ़ाने और प्रतापनगर एवं थौलधार में कीवी की खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि फार्म और नॉन-फार्म गतिविधियों के माध्यम से महिला उद्यमियों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता के साथ-साथ उनकी पैकेजिंग पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई, ताकि बाजार में इन उत्पादों की अच्छी मांग बने।
जौनपुर के बीडीओ को पनीर वैली की वैल्यू-चेन विकसित करने के लिए भंडारण, सुरक्षा और परिवहन सुविधाओं की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
इस बैठक में पीडी डीआरडीए पीएस चौहान, खण्ड विकास अधिकारी चम्बा शाकिब हुसैन, नरेन्द्रनगर श्रुति वत्स, कीर्तिनगर सुमनलता, जौनपुर अर्जुन सिंह, और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। साथ ही विभिन्न समूहों के सदस्य और रीप परियोजना के कर्मचारी भी बैठक में शामिल हुए।
इस बैठक के जरिए जिलाधिकारी ने उद्यमिता और कृषि विकास के माध्यम से महिलाओं को लखपति बनाने की दिशा में कदम बढ़ाने पर जोर दिया, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सके।
