टिहरी में सीवरेज व्यवस्था को लेकर सख्ती, एसटीपी कार्यों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा
मुनिकीरेती का 8 एमएलडी एसटीपी प्लांट तैयार, कीर्तिनगर में क्षमता 65 केएलडी करने की तैयारी; 20 से अधिक कमरों वाले होटल होंगे जांच के दायरे में
टिहरी गढ़वाल, 21 अगस्त 2026। जिला गंगा समिति की बैठक जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जनपद में सीवरेज व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), नालों को एसटीपी से जोड़ने तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्धारित मानकों के अनुपालन की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में परियोजना प्रबंधक, गंगा इकाई ऋषिकेश ने जानकारी दी कि मुनिकीरेती-ढालवाला में निर्माणाधीन 8 एमएलडी एसटीपी प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और वर्तमान में प्लांट कार्यशील है। इससे क्षेत्र में सीवरेज प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
300 केएलडी एसटीपी का निर्माण फिर शुरू करने के निर्देश
बैठक के दौरान 300 केएलडी एसटीपी प्लांट के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर तथा परियोजना प्रबंधक, गंगा इकाई ऋषिकेश को निर्देश दिए कि प्लांट का निर्माण कार्य सितंबर माह के प्रथम सप्ताह से पुनः प्रारंभ कराया जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में अनावश्यक विलंब न करने तथा निर्धारित समयसीमा के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कीर्तिनगर में एसटीपी की क्षमता बढ़ाने की तैयारी
कीर्तिनगर क्षेत्र में 10 केएलडी एसटीपी प्लांट के अपग्रेडेशन का कार्य वर्तमान में गतिमान है। अपग्रेडेशन के बाद इसकी क्षमता बढ़ाकर 65 केएलडी किए जाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
इसके साथ ही कीर्तिनगर क्षेत्र के अन्य दो नालों को भी इसी एसटीपी से जोड़ने का प्रस्ताव है। इससे सीवेज के उचित उपचार और नदी-जल स्रोतों में प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है।
NGT मानकों के अनुपालन की भी समीक्षा
बैठक में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्धारित मानकों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि निर्धारित मानकों के अनुसार 20 से अधिक कमरों वाले होटल एवं संस्थानों में स्वयं का एसटीपी अथवा एफएसटीपी स्थापित किया जाना अनिवार्य है।
इस क्रम में तपोवन क्षेत्र में 20 से अधिक कमरों वाले 65 होटल चिह्नित किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने मुनिकीरेती पालिका क्षेत्र में भी 20 से अधिक कमरों वाले होटल एवं अन्य संस्थानों को चिह्नित कर उनकी सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
होटल परिसरों का होगा स्थलीय निरीक्षण
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को होटल एवं संस्थानों में एसटीपी तथा सीवर संयोजन की वास्तविक स्थिति की जांच करने के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि समिति द्वारा संबंधित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित मानकों के अनुरूप सीवेज प्रबंधन की व्यवस्था है या नहीं। निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा गया।
गंगा संरक्षण के लिए सीवरेज प्रबंधन अहम
टिहरी जिले में मुनिकीरेती, ढालवाला, तपोवन और कीर्तिनगर जैसे क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ सीवरेज प्रबंधन की चुनौती भी बढ़ी है। ऐसे में एसटीपी की क्षमता बढ़ाना, नालों को उपचार संयंत्रों से जोड़ना और बड़े होटल एवं संस्थानों में निर्धारित मानकों के अनुरूप सीवेज ट्रीटमेंट सुनिश्चित करना गंगा एवं उसकी सहायक जलधाराओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिला गंगा समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों से सीवरेज व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने तथा प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।
