दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में तत्काल सुधार के निर्देश, क्रैश बैरियर और साइनेज की होगी सघन निगरानी
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने जनपदीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए निर्देश, अंधे मोड़ों पर कॉन्केव मिरर और गति सीमा बोर्ड लगाने पर जोर
टिहरी/27 अगस्त, 2026। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित वीसी कक्ष में आयोजित जनपदीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मौके की परिस्थितियों के अनुरूप ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
अंधे मोड़ों पर कॉन्केव मिरर और संकेतक लगाने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का पुनः चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से ऐसे अंधे एवं खतरनाक मोड़ों पर आवश्यकतानुसार कॉन्केव मिरर लगाने को कहा, जहां सामने से आने वाले वाहनों की जानकारी समय रहते नहीं मिल पाती। इसके साथ ही इन स्थानों पर गति सीमा बोर्ड, चेतावनी संकेतक और पर्याप्त रोड साइनेज लगाए जाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पहाड़ी सड़कों पर मोड़, ढलान, संकरी सड़क और सीमित दृश्यता दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ाते हैं। ऐसे स्थानों पर सड़क सुरक्षा के आवश्यक उपाय पहले से सुनिश्चित करना जरूरी है।
100 मीटर से अधिक गहरी खाई वाले क्षेत्रों में क्रैश बैरियर को प्राथमिकता
राष्ट्रीय राजमार्गों पर क्रैश बैरियर की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जहां सड़क के किनारे 100 मीटर से अधिक गहरी खाई है, ऐसे डेंजर जोन को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए।
उन्होंने क्षतिग्रस्त क्रैश बैरियर को तत्काल दुरुस्त करने तथा नए क्रैश बैरियर को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप मजबूत तरीके से स्थापित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि क्रैश बैरियर केवल लगाए ही न जाएं, बल्कि उनकी मजबूती और उपयोगिता की नियमित जांच भी की जानी चाहिए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में वे प्रभावी सुरक्षा कवच के रूप में काम कर सकें।
सड़क किनारे मिट्टी के ढेर और पत्थर गिरने वाले स्थानों पर कार्रवाई
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क किनारे पड़े मिट्टी एवं निर्माण सामग्री के ढेर हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर अथवा उसके किनारे अनावश्यक सामग्री यातायात में बाधा बनने के साथ दुर्घटना का कारण भी बन सकती है।
पत्थर गिरने की आशंका वाले स्थानों पर भी आवश्यक उपचारात्मक कार्य करने को कहा गया। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी और सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की लगातार समीक्षा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
साइनेज पर पोस्टर-पंपलेट लगाने पर रोक
जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा संकेतकों की उपयोगिता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि लगाए गए साइनेज एवं चेतावनी बोर्डों का नियमित निरीक्षण किया जाए और उन पर पोस्टर, पंपलेट अथवा अन्य प्रचार सामग्री चिपकाने की अनुमति न दी जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क संकेतक वाहन चालकों को सही समय पर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराते हैं। यदि इन पर प्रचार सामग्री चिपक जाती है तो उनकी दृश्यता प्रभावित हो सकती है और दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है।
14 टायर या उससे अधिक वाले वाहनों की होगी संयुक्त जांच
बैठक में पहाड़ी क्षेत्रों में 14 टायर या उससे अधिक वाले वाहनों के संचालन, परमिट, ओवरलोडिंग तथा अन्य निर्धारित मानकों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने पुलिस एवं परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहनों के परमिट, निर्धारित क्षमता, ओवरलोडिंग तथा अन्य यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों एवं संचालकों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने में मदद मिल सके।
सड़क सुरक्षा में विभागीय समन्वय जरूरी
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। सड़क निर्माण एवं रखरखाव, यातायात नियंत्रण, वाहन जांच, अतिक्रमण नियंत्रण, संकेतक व्यवस्था और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधार—इन सभी पहलुओं पर संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रत्येक कार्य की नियमित निगरानी और अनुपालन रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए तथा जहां कमी दिखाई दे, वहां बिना विलंब सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं। जिला कार्यालय के वीसी कक्ष में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग के.एस. नेगी, उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग दीपक कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी राजेंद्र विराटिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

