पोखरी में 20 अनुसूचित जाति युवाओं के लिए 4 माह का प्लम्बिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावापोखरी में 20 अनुसूचित जाति युवाओं के लिए 4 माह का प्लम्बिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
उत्तराखंड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम की पहल, युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य
पोखरी (फकोट/नरेंद्रनगर), SKS News। उत्तराखंड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड के तत्वावधान में नरेंद्रनगर विकासखंड के फकोट क्षेत्र अंतर्गत पोखरी गांव में अनुसूचित जाति वर्ग के 20 युवाओं के लिए चार माह का प्लम्बिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह असवाल, ग्राम प्रधान ददेली सीमा देवी तथा लोक कल्याण सेवा समिति रानीचौरी के सचिव सुशील कुमार बहुगुणा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह असवाल ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल आधारित प्रशिक्षण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा तथा वे अपने ही क्षेत्र में रोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।
ग्राम प्रधान सीमा देवी ने उत्तराखंड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम तथा प्रशिक्षण संचालित कर रही संस्था की सराहना करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना एक सराहनीय पहल है। इससे युवाओं का कौशल विकास होगा और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
लोक कल्याण सेवा समिति रानीचौरी के सचिव सुशील कुमार बहुगुणा ने बताया कि चार माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्लम्बिंग कार्य की सम्पूर्ण तकनीकी जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को व्यावहारिक एवं तकनीकी दक्षता विकसित कर स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे वे भविष्य में स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकें।
उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं के हाथों को मजबूत कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। कौशल विकास के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी कम करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण साबित होगा।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलते हैं तथा पलायन रोकने में भी सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
इस अवसर पर सुरेन्द्र लाल, पंकज, राहुल, बैलेंस, प्रकाश, दीपक, मकान दास, राजेन्द्र सहित अनेक स्थानीय ग्रामीण एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
