सरिता कोठियाल को मिला प्रतिष्ठित ‘राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार’, समाजसेवा में योगदान के लिए हुआ सम्मान
असहाय वृद्ध एवं दिव्यांग महिलाओं के कल्याण और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन में उल्लेखनीय कार्य के लिए मिला राज्य स्तरीय सम्मान
नई टिहरी। सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’।
समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टिहरी गढ़वाल में अधिकार मित्र/पराविधिक स्वयंसेवी (PLV) के रूप में कार्यरत श्रीमती सरिता कोठियाल को उत्तराखंड सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के प्रतिष्ठित ‘राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान उन्हें असहाय वृद्ध एवं दिव्यांग महिलाओं के कल्याण, जरूरतमंद महिलाओं के सहयोग तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित टिहरी जनपद में भी खुशी का माहौल है।
जिला न्यायाधीश ने किया सम्मानित
श्रीमती सरिता कोठियाल की इस गौरवमयी उपलब्धि पर जिला न्यायाधीश, टिहरी गढ़वाल नितिन शर्मा ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने श्रीमती कोठियाल के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों के लिए निरंतर कार्य करना एक महत्वपूर्ण सेवा है।
उन्होंने श्रीमती कोठियाल को अन्य स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य तथा भविष्य में भी जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहने के लिए शुभकामनाएं दीं।
विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी किया सम्मान
इसी क्रम में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टिहरी गढ़वाल दयाराम ने भी श्रीमती सरिता कोठियाल को सम्मानित किया। उन्होंने शॉल ओढ़ाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनकी उपलब्धि पर बधाई दी।
उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर, असहाय और जरूरतमंद लोगों तक सहायता एवं अधिकारों की जानकारी पहुंचाने में पराविधिक स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। श्रीमती कोठियाल का कार्य इस जिम्मेदारी को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का उदाहरण है।
महिला सशक्तिकरण और आजीविका के क्षेत्र में योगदान
श्रीमती सरिता कोठियाल ने समाजसेवा के दौरान असहाय वृद्ध एवं दिव्यांग महिलाओं के कल्याण के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया है। उनके प्रयासों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के अवसर मिले हैं।
उनके कार्य को राज्य स्तर पर पहचान मिलना न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का सम्मान है, बल्कि उन सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के लिए भी प्रेरणा है, जो समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं।
‘तीलू रौतेली’ के नाम पर दिया जाता है प्रतिष्ठित सम्मान
उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली के नाम पर प्रदान किया जाने वाला यह राज्य स्तरीय सम्मान महिला शक्ति, साहस, सेवा और सामाजिक योगदान की भावना का प्रतीक माना जाता है। श्रीमती सरिता कोठियाल को यह सम्मान मिलना टिहरी गढ़वाल के लिए भी गौरव का विषय है।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल के रिटेनर अधिवक्ता श्री राजपाल सिंह मियां भी उपस्थित रहे।
