स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता में सत निरंकारी मिशन की सराहनीय पहल
संस्मरण, समाज सेवा और स्वच्छता अभियान से जुड़ी प्रेरक कहानी
रिपोर्ट: सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’
चंबा, टिहरी गढ़वाल।
सामाजिक और आध्यात्मिक संगठनों की भूमिका केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे समाज में जागरूकता और सेवा की भावना को भी मजबूत करते हैं। सत निरंकारी मिशन ऐसा ही एक संगठन है, जिसने सत्संग के साथ-साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
लेखक बताते हैं कि उन्हें प्रारंभ में सत निरंकारी मिशन के बारे में सामान्य जानकारी ही थी। उनके एक परिचित नत्थी लाल कौशल अक्सर निरंकारी सत्संग की चर्चा करते थे। बाद में वर्ष 1999 में शिक्षक अनिल लिंगवाल के संपर्क में आने पर मिशन की गतिविधियों के बारे में अधिक जानकारी मिली।
हालांकि लेखक स्वयं धार्मिक सत्संगों में विशेष रुचि नहीं रखते थे, लेकिन मिशन के कार्यों और विचारों के प्रति उनकी जिज्ञासा बनी रही।
परिवार और सत्संग से जुड़ी एक भावनात्मक स्मृति
लेख में लेखक ने अपनी 80 वर्षीय माता से जुड़ा एक मार्मिक प्रसंग भी साझा किया है। कांडीखाल क्षेत्र की कुछ महिलाओं ने उन्हें सत्संग में जाने के लिए प्रेरित किया। एक बार वे उन्हें सिराईं स्थित सत्संग में लेकर गईं। वापसी में कठिन चढ़ाई के कारण उनकी माता चल नहीं पाईं, तो सत्संगी महिलाओं ने उन्हें पीठ पर उठाकर घर तक पहुंचाया।
लेखक के अनुसार यह घटना नैतिक जिम्मेदारी और मानवता का एक प्रेरक उदाहरण थी।
बाद में चंबा में रहने के दौरान उनकी माता नियमित रूप से निरंकारी सत्संग भवन जाने लगीं और लगभग 98 वर्ष की आयु तक सत्संग में भाग लेती रहीं। उनके अनुसार सत्संग से घर के वातावरण में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
चंबा में सत निरंकारी मिशन की सक्रियता
लेखक बताते हैं कि चंबा क्षेत्र में सत निरंकारी मिशन के अनुयायियों की संख्या काफी अधिक है। यहां नियमित रूप से सत्संग आयोजित होते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उसमें भाग लेते हैं।
इस मिशन से जुड़े स्थानीय लोगों में
कुशाल सिंह पुंडीर, स्व. कमल सिंह पुंडीर, पीरत सिंह पुंडीर, अनूप सिंह पुंडीर, राजपाल सिंह रावत सहित कई लोग सक्रिय रूप से सेवा कार्यों में भाग लेते रहे हैं।
स्वच्छता अभियान में मिशन की सराहनीय भूमिका
लेखक के अनुसार वर्ष 2018–19 में चंबा क्षेत्र में कॉलेज रोड से हाइडिल तक निरंकारी सेवादारों ने बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाया। उस समय सड़क के किनारे झाड़-झंखाड़ और कूड़े के ढेर लगे थे।
निरंकारी सेवादारों ने लगभग डेढ़ से दो किलोमीटर क्षेत्र में झाड़ियों की कटाई, कूड़ा निस्तारण और प्लास्टिक हटाने का कार्य किया। इस अभियान के बाद पूरा क्षेत्र स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई देने लगा।
इस पहल के बाद नगर पंचायत, जागरूक नागरिकों और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) जैसी संस्थाओं ने भी स्वच्छता अभियान चलाने शुरू किए।
पर्यावरण संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान
हाल के वर्षों में सत निरंकारी मिशन ने जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी बड़े अभियान चलाए हैं।
माता सुदीक्षा जी महाराज के निर्देशन में मिशन द्वारा “प्रोजेक्ट अमृत – स्वच्छ जल, स्वच्छ मन” अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत:
- लगभग 12 लाख स्वयंसेवकों ने भाग लिया
- 930 शहरों के 1600 स्थानों पर अभियान चलाया गया
- जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए व्यापक कार्य किए गए
इसी प्रकार देहरादून में लगभग 1200 सेवादारों ने स्वच्छता अभियान चलाकर करीब 600 क्विंटल कूड़ा एकत्रित कर उसका निस्तारण किया।
सामाजिक समरसता और जनजागरण
लेखक के अनुसार मिशन केवल स्वच्छता ही नहीं, बल्कि समाज में
- रूढ़िवादिता
- छुआछूत
- भेदभाव
के विरुद्ध भी जागरूकता फैलाने का प्रयास करता है। साथ ही संतुलित जीवन, शुद्ध आहार और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है।
समाज के लिए प्रेरणादायक पहल
लेख के अंत में लेखक कहते हैं कि स्वच्छता, जल संरक्षण, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक समरसता के लिए सत निरंकारी मिशन द्वारा किए जा रहे कार्य निश्चित रूप से सराहनीय हैं।
ऐसे सेवा कार्य समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं और अन्य संगठनों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।
लेखक:
सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’
स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर
कवि कुटीर, सुमन कॉलोनी वार्ड-1
नगर पालिका परिषद, चंबा (टिहरी गढ़वाल)
