हरेला पर्व पर जूनियर हाई स्कूल मजगांव में पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यशाला आयोजित
वन विभाग की पहल: विद्यार्थियों को वनाग्नि रोकथाम, प्रदूषण नियंत्रण और वन्यजीव संरक्षण का दिया गया प्रशिक्षण
थत्यूड़/सकलाना, टिहरी गढ़वाल | SKS News
हरेला पर्व के अवसर पर वन विभाग की सकलाना रेंज के तत्वावधान में जूनियर हाई स्कूल, मजगांव में पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, वनाग्नि की रोकथाम तथा वन्यजीव–मानव संघर्ष को कम करने के लिए विद्यार्थियों एवं स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए व्यापक वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
वन विभाग के अधिकारियों ने कार्यशाला में वनाग्नि की रोकथाम, जंगलों को आग से सुरक्षित रखने के उपाय, प्रदूषण नियंत्रण तथा वन्यजीव–मानव संघर्ष को कम करने के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश अपने परिवार और समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य (भूतसी) श्रीमती सीता मनवाल उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में ग्राम प्रधान मरोड़ा सरोप सिंह नेगी, ग्राम प्रधान मजगांव गोपाल सिंह कंडारी, वन सरपंच मजगांव संजय कंडारी, वन सरपंच उनियाल गांव अनुसूया प्रसाद उनियाल, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल हटवाल तथा वन विभाग की ओर से प्यार चंद रमोला, अनुभाग अधिकारी हीरा सिंह पंवार, वन बीट अधिकारी अंकित राणा एवं अन्य वन कर्मियों ने सहभागिता की।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण, छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण संरक्षण, वनाग्नि रोकथाम एवं वन्यजीव संरक्षण विषयों पर निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कुसुम नेगी, भागचंद रमोला, महावीर धनोला, बनवारी लाल, वी.पी. सिंह, संदीप, महेश, वीरचंद कुमाई सहित अनेक छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
