नई टिहरी: जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष राकेश राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का टिहरी का दौरा निराशाजनक रहा है। उन्होंने कहा कि जिस चांटी डोबरा पुल को 2006 में स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी जी और स्वर्गीय फूल सिंह बिष्ट जी ने जी इस पुल की नींव रखी थी। आज उस पर भाजपा के मुख्यमंत्री ने मात्र रिबन काटकर अपना नाम लगाया जबकि इस पुल के निर्माण में भारतीय जनता पार्टी सरकार का कोई योगदान नहीं रहा । 2006 में पुल स्वीकृति के बाद 5 साल तक भाजपा की सरकार थी, उन्होंने 90 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल की मात्र लागत बढ़ाने का काम किया और प्रतापनगर की जनता को गुमराह किया।

जब पुनः उत्तराखंड में वर्ष 2012 में कांग्रेस की सरकार आई तब तत्कालीन सरकार के मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत जी और क्षेत्रीय विधायक श्री विक्रम सिंह नेगी,श्री किशोर उपाध्याय जी ने नाबार्ड से इस पुल के लिए एकमुश्त धनराशि जारी करते हुए इस को पुनः आगे बढ़ाने का काम किया जिसका नतीजा आज यह पुल बनकर तैयार हुआ और प्रताप नगर की जनता के लिए समर्पित हुआ।
आज मुख्यमंत्री जी के दौरे से टिहरी जनपद के हजारो हजार बेरोजगार नौजवानों को अपने रोजगार के लिए कुछ उम्मीदें थी लेकिन उन्होंने सबको हताश और निराश किया। एक भी कोई नई घोषणा नहीं की गई।जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।
2017 के विधानसभा चुनाव में ओंनेश्वर महादेव मंदिर में केंद्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने वादा किया था कि उत्तराखंड में अगर हमारी सरकार बनी तो प्रताप नगर क्षेत्र को केंद्रीय ओबीसी की सूची में शामिल करेंगे।
लेकिन आज साढ़े तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया।
भारतीय जनता पार्टी हमेशा झूठ की राजनीति करती है और जनता को गुमराह करने का काम करती है।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव पूर्व राज्य मंत्री मुशर्रफ अली और शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र नौटियाल ने कहा कि भाजपा ने 1 सप्ताह से लोगों को झूठ बोल बोल कर चांटी डोबरा बुलाया कि नरेंद्र मोदी जी आ रहे हैं तब जाकर लोग वहां पहुंचे भाजपा हमेशा झूठ की राजनीति करती है।
राजखेत ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मान सिंह रौतेला और प्रताप नगर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सबल सिंह राणा ने कहा कि भाजपा ने धोखे की राजनीति करके जनमानस को गुमराह किया है जिसका जवाब उन्हें जनता 2022 में देगी।
