डॉ मोहनलाल उनियाल जी की जयंती पर किया गया उन्हें याद
शहर के गणमान्य लोगों,सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवी वर्ग और कांग्रेस जनों ने दी विनम्र श्रद्धांजलि
विचार गोष्ठी आयोजित कर दिए गए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को नमन
शिक्षा, साहित्य, आयुर्वेद और सामाजिक सरोकारों के लिए उनके प्रयासों का किया गया उल्लेख
चंबा: स्व.डॉ0 मोहनलाल उनियाल की जयंती के अवसर पर शहर के गणमान्य लोगों,बुद्धिजीवी वर्ग,सामाजिक लोगों और कांग्रेस जनों ने उन्हें स्मरण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। स्व. मोहनलाल उनियाल चंबा के मूर्धन्य साहित्यकर,आयुर्वेदाचार्य, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक व्यक्ति थे। 70-80 के दशक में उन्होंने अभूतपूर्व कार्य किया। जीवन के अंतिम क्षण तक वे चिकित्सा और सामाजिक कार्यों के लिए जानी पहचानी शख्सियत रहे। स्व. मोहनलाल उनियाल संस्कृत, साहित्य, आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे। वे तत्कालीन कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्ष भी रहे।
मुख्यतः शिक्षा साहित्य चिकित्सा कर्म पर ही उनका ध्यान रहा। वे श्रीदेेव सुमन रा. इंटर कॉलेज चंबा मे अभिभावक संघ के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे। श्रीमद्भागवत गीता का गढ़वाली में अनुवाद किया और सामाजिक सरोकरों में बढ़- चढ़कर हिस्सा लेते थे।
मूल रूप से सकलाना के उनियाल गांव से उनके पूर्वज बमुंड पट्टी के केमरी गांव में बस गए थे। उनके परिवार के लोग ब्राह्मण वृत्ति के साथ-साथ वैद्य कर्म में निष्णात थे। वही असर स्व.डॉक्टर मोहन लाल उनियाल जी के ऊपर पड़ा और उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया। हजारों लोगों की जान बचाई और चंबा के सुप्रसिद्ध वैद्यों में शुमार थे। एक दशक पूर्व उनके देहावसान के बाद उस खलीपन को भरने वाला कोई व्यक्ति चंबा में नहीं हुआ। विशेषकर आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में इतना जाना- पहचाना नाम नही हुआ।
आज उनकी जयंती के अवसर पर उनके व्यक्तित्व और कार्य पर प्रकाश डाला गया। शहर के गणमान्य व्यक्तियों, बुद्धिजीवी वर्ग ने अपने-अपने अंदाज में उनके संस्मरणों को ताजा किया और कांग्रेस जनों के द्वारा उनके परिवारजनों को शाल भेंट कर सम्मानित किया गया।
सुबह से ही बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य व्यक्ति और वरिष्ठ नागरिक सभागर में अपस्थित हुये। स्व. डॉ. मोहनलाल उनियाल के चित्र पर माल्यार्पण करने के बाद कवि सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत ने उन पर अपनी कविता से कार्यक्रम की शुरुआत की।
कार्यक्रम के आयोजक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता साब सिंह सज्वाण के आह्वान पर यह गोष्ठी आयोजित की गयी।शहर के समस्त वरिष्ठ नागरिकों ने सहयोग प्रदान किया। स्व. मोहन लाल उनियाल जी को स्मरण करते हुऎ पूर्व नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पियूष उनियाल ने उनके जीवन और कार्यों के बारे में व्यापक संस्मरण सुनाए।
कहा स्व. मोहन लाल उनियाल अनुशासन और सामाजिक समरसता के लिए भी जाने जाते थे। इसके साथ ही अनेक असाध्य रोगियों का उन्होंने अपने समय इलाज किया। अनेक रोगी जो देश विदेश में इलाज करने के बाद भी स्वस्थ नहीं हुये वे उनकी दवा से स्वस्थ हो जाते थे।
अपने- अपने अंदाज में विभिन्न वक्ताओं ने उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला और उनके बताये हुऎ मार्ग पर चलने के लिए संकल्प लिया। तीन घंटे तक चली इस संगोष्ठी में पूर्व प्रमुख सोबन सिंह नेगी, पूर्व जेष्ठ प्रमुख नरेंद्र चंद रमोला, शक्ति प्रसाद जोशी, सोहन लाल आर्य, सुनील गोपाल कोठारी, हरी सिंह मखलोगा, युद्ध वीर सिंह नेगी, श्रीपाल रावत, सुरेंद्र मोहन उनियाल, सत्येश्वर प्रसाद कोठियाल आदि ने अपने विचार प्रस्तुत किए। व्याख्यान माला में सम्मिलित सभी लोगों का कार्यक्रम के आयोजक साब सिंह सज्वाण के द्वारा आभार प्रकट किया गया।
