शहीद नागेंद्र राजकीय इंटर कॉलेज पुजारगांव बना पी एम श्री कॉलेज
विद्यालय के पूर्व छात्र और वर्तमान एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. दिनेश सकलानी की पहल आयी काम
क्षेत्र में उमड़ उठी खुशी की लहर
मिलेगा गरीब छात्र- छात्राओं को मिलेगी बड़ी सौगात
देश के 14500 पी एम श्री विद्यालयों में शामिल हुआ रा.इ. का पुजारगांव (सकलाना)
चंबा, सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’: 26 अक्टूबर सकलाना की इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। शहीद नागेंद्र अटल आदर्श उत्कृष्ट रा इ का पुजारगांव को देश के 14500 पीएम श्री विद्यालयों में सम्मिलित कर दिया गया है। केंद्रीय शिक्षा सचिव संजीव कुमार ने यह बात शहीद नागेंद्र सकलानी इंटर कॉलेज पुजार गांव में कही। विदित हो कि विद्यालय के पूर्व छात्र और वर्तमान में एनसीईआरटी के निदेशक प्रोफेसर दिनेश सकलानी की पहल बहुत काम आयी। क्षेत्र का कोई बेटा अगर उच्च पद पर पहुंचता है तो देश के साथ अपने क्षेत्र के विकास की बात अनुकरणीय है। प्रोफेसर दिनेश प्रसाद सकलानी विश्व के प्रतिष्ठित प्रोफेसरों में से एक हैं। समय-समय पर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सेवारत रहते हुए विशिष्ट कार्य किये हैं। विश्व के अनेक देशों में उनके उनके ज्ञानगम्य और शोधपरक व्याख्यान सुने जाते हैं। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत जब देश में “प्राइम मिनिस्टर स्कूल्स फार राइजिंग इंडिया” का विचार सामने आया तो देश के 14500 पुराने विद्यालयों को पीएम श्री स्कूल का दर्जा दिया जा रहा है। जिसमें 60% केंद्र सरकार और 40% राज्य सरकार का अंशदान होगा। इस सौगात से चुनिंदा विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा मॉडल के रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
अपने व्यस्ततम कार्यक्रम में 25 अक्टूबर को प्रोफेसर दिनेश सकलानी केंद्रीय शिक्षा सचिव संजीव कुमार के साथ टिहरी डाइट पहुंचे। वहां नई शिक्षा नीति 2020 के तत्वावधान में विचार साझा किए तथा शिक्षकों और प्रशिक्षणार्थियों से रू-ब-रू हुए। इस अनुक्रम में प्रोफेसर सकलानी अपने ग्रह क्षेत्र सकलाना आए। उन्होंने आजादी के अमर शहीद नागेंद्र सकलानी रा इ का पुजारगांव मे केंद्रीय शिक्षा सचिव संजीव कुमार के साथ पीएम श्री कालेज का दर्जा दिये जाने की बात कही।
सकलाना क्षेत्र का सबसे पुराना राजकीय इंटर कॉलेज पुजारगांव है जो कि क्षेत्र वासियों के लिए नहीं बल्कि विकास खंड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहा है। इस विद्यालय की स्थापना जूनियर हाई स्कूल के रूप में हुई थी। सन 1972- 73 में हाई स्कूल और 1974-75 में इंटर कॉलेज का दर्जा प्राप्त हुआ। क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के प्रयासों के कारण शिक्षा का यह केंद्र अपना विशिष्ट स्थान रखता है। इस विद्यालय से पढ़े हुए अनेक छात्र देश- विदेश में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। महत्वपूर्ण पदों पर होते हुए भी अपने क्षेत्र को नहीं भूले और समय-समय पर क्षेत्रीय विकास, शिक्षा और शोध को आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं। प्रोफेसर दिनेश सकलानी अपनी स्व. माताजी के नाम पर हर वर्ष गरीब छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं और बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी अपने स्व. पिता चंदेश्वर सकलानी के नाम से छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं।
नई शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में शासन का अभूतपूर्व प्रयास रहा है। क्रियान्वयन करने, पाठ्यक्रम, पाठ्यवस्तु और पाठ्य पुस्तकों के निर्माण में प्रोफेसर दिनेश सकलानी का प्रयास काबिले तारीफ है। प्रो. सकलानी ने सन 1979 में राजकीय इंटर कॉलेज बाजार गांव से हाई स्कूल और 1981 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए देहरादून चले गए और वहीं से उन्होंने इतिहास विषय में स्नातकोत्तर परीक्षा सर्वोच्च अंकों में प्राप्त की। क्षेत्र के पहले नेट क्वालिफाई हैं। उच्च शिक्षा आयोग से चयनित हुए और कुछ समय बाद हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में इतिहास के एसोसिएट प्रोफेसर बने। लंबे समय तक प्राध्यापक के रूप में काम करने के बाद उनका चयन देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान एनसीईआरटी के निदेशक पद पर हुआ जिसमें कई वर्षों तक वह अभी कार्य करेंगे।
प्रोफेसर दिनेश सकलानी शून्य से शिखर पर पहुंचने वाले सकलाना के व्यक्तित्वों में से एक है। क्रांति का इतिहास हो, शिक्षा,पर्यावरण या क्षेत्रीय विकास, सकलाना के लोगों का उसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आजादी के दौरान नागेंद्र सकलानी और अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, कालांतर में “सोम -वीर- विश्वेश्वर” का प्रयास और वर्तमान में प्रोफेसर दिनेश सकलानी जैसे लोग देश के साथ-साथ अपने क्षेत्र का नाम भी रोशन कर रहे हैं। 26 अक्टूबर को एक सादे समारोह में शाहिद नागेंद्र सकलानी इंटर कॉलेज पुजारगांव ने एक बार पुन: सिद्ध कर दिया है कि ज्ञान के आलोक में क्रांति भूमि सकलाना आज भी प्रेरणा स्रोत है। कार्यक्रम में वर्तमान शिक्षा महानिदेशक झरना कमठान, मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी एसपी सेमवाल, खंड शिक्षा अधिकारी जौनपुर, प्रधानाचार्य सहगल साहब, समस्त शिक्षक और छात्र-छात्राओं ने शिक्षा केंद्रीय शिक्षा सचिव और एनसीईआरटी के निदेशक का हार्दिक स्वागत किया। 01-02 दिसम्बर को कालेज की स्वर्ण जयन्ती समारोह के अवसर पर पुरातन छात्र सम्मेलन प्रस्तावित है।सफल आयोजन हेतु कर्मठ शिक्षक कमलेश सकलानी सहयोगियों के साथ प्रयासरत हैं।
