उत्तराखंड में 36 लाख बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजॉल की दवा: डॉ. धन सिंह रावत
मंगलवार से शुरू होगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का 17वां चरण
बच्चों के पूर्ण विकास के लिए जरूरी है कृमिनाशक दवा: स्वास्थ्य मंत्री
देहरादून, 07 अप्रैल 2025:
उत्तराखंड में बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए 9 अप्रैल मंगलवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का 17वां चरण शुरू होगा। इस अभियान के तहत राज्यभर में 1 से 19 वर्ष की आयु वर्ग के 36 लाख से अधिक बच्चों, किशोरों और किशोरियों को एल्बेंडाजॉल की दवा खिलाई जाएगी।
प्रदेश के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, महाविद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से यह अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा, “बच्चों के संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास के लिए कृमिनाशक दवा अत्यंत आवश्यक है।”
स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों, मलिन बस्तियों तक यह दवा पहुंचाई जाएगी। डॉ. रावत ने निर्देश दिए कि जो बच्चे इस दिन दवा नहीं खा पाएंगे, उन्हें 16 अप्रैल को ‘मॉप-अप डे’ पर दवा अवश्य दी जाए।
कृमि मुक्ति अभियान की प्रमुख बातें:
- लक्ष्य: 36.58 लाख बच्चों को एल्बेंडाजॉल दवा देना
- स्थान: आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, महाविद्यालय, पीएचसी, मलिन बस्तियां
- मॉप-अप दिवस: 16 अप्रैल 2025
- जिम्मेदारी: CHC, PHC, शिक्षा विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और शिक्षक
डॉ. रावत ने बताया कि अब तक राज्य में 16 चरणों में सफलतापूर्वक कृमि मुक्ति दिवस आयोजित किया जा चुका है। पिछले वर्ष (सितंबर 2024) में 33.14 लाख बच्चों को दवा खिलाई गई थी, जबकि इस बार लक्ष्य बढ़ाकर 36 लाख से अधिक रखा गया है ताकि हर बच्चा कृमि मुक्त और स्वस्थ रहे।
