मानसून सत्र और चारधाम यात्रा के दौरान आपदा प्रबंधन को लेकर DM के सख्त निर्देश
📍 टिहरी गढ़वाल, 12 जून 2025
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने आगामी मानसून सत्र (15 जून से 30 सितम्बर 2025) और वर्तमान में जारी चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति से प्रभावी रूप से निपटने हेतु जनपद के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों एवं अधिकारियों को सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए हैं।
आपदा प्रबंधन के लिए प्रशासनिक सतर्कता के निर्देश:
- आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा-30 के अंतर्गत, समस्त अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष मुख्यालय/क्षेत्र नहीं छोड़ेंगे।
- सभी अधिकारियों को अपने मोबाइल फोन 24×7 ऑन और एक्टिव मोड में रखने के निर्देश।
- अवकाश दिवसों पर भी मुख्यालय में उपलब्ध रहना अनिवार्य होगा।
- मुख्यालय छोड़ने की स्थिति में पूर्व अनुमति एवं प्रतिस्थानी अधिकारी का विवरण (नाम व मोबाइल सहित) देना अनिवार्य होगा।
अन्य प्रमुख निर्देश:
- संबंधित अधिकारी अपने अधीनस्थों को भी दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित कराएं।
- किसी भी संभावित आपदा, बारिश या आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में विलम्ब न हो, इसके लिए समन्वय व्यवस्था पहले से चाक-चौबंद रखी जाए।
- यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और 30 सितम्बर 2025 तक प्रभावी रहेगा।
📌 चारधाम यात्रा और मानसून की संयुक्त चुनौती
चारधाम यात्रा के चलते जनपद में पहले ही भारी यातायात और भीड़ बनी हुई है। मानसून के दौरान भूस्खलन, सड़कों के क्षतिग्रस्त होने और अचानक बाढ़ की आशंकाओं को देखते हुए यह आदेश जन-जीवन और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
