खाड़ी (चंबा) में आयोजित स्मरण कार्यशाला में समाजसेवियों, पर्यावरणविदों और साहित्यकारों ने दी श्रद्धांजलि, पारंपरिक बीज बचाओ आंदोलन और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर हुई गंभीर चर्चा।
चंबा के खाड़ी क्षेत्र में स्वर्गीय दुलारी देवी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यशाला में पारंपरिक बीज संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण जागरूकता और शराबबंदी जैसे विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। समाजसेवियों और पर्यावरणविदों ने दुलारी देवी के जीवन कार्यों को स्मरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
रिपोर्टः @सो.ला.सकलानी ‘निशांत’
स्थानः खाड़ी/चंबा, उत्तराखंड | दिनांकः 13 जून, 2025
प्रख्यात समाजसेवी स्व. दुलारी देवी पंवार की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर जन-जागृति संस्थान द्वारा खाड़ी के जागृति भवन में विशेष स्मरण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन में “पारंपरिक बीज संरक्षण”, “पर्यावरणीय चेतना”, “नशा मुक्त उत्तराखंड”, “महिला सशक्तिकरण” जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।
🎤 विशिष्ट अतिथियों के विचार:
- राजेंद्र भंडारी (ब्लॉक प्रमुख): स्व. दुलारी देवी ने प्रताप शिखर जी के साथ मिलकर समाज उन्नयन हेतु उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने पदयात्रा, वृक्षारोपण और खनन व शराब माफियाओं के विरुद्ध संघर्ष किया।
- धूम सिंह नेगी: सुंदरलाल बहुगुणा, कुंवर प्रसून, सुदेशा बहिन व दुलारी देवी जैसे व्यक्तित्वों की तुलना करते हुए कहा कि यह मातृशक्ति ही समाज का असली आधार है।
- विजय जड़धारी: बीज बचाओ आंदोलन के संदर्भ में स्व. दुलारी देवी के योगदान की सराहना करते हुए, हिमालय प्रहरि सम्मान-2025 मिलने पर जनसमूह ने उन्हें बधाई दी।
- सुदेशा बहिन: महिलाओं को पुनः कृषि से जुड़ने और परंपरागत खेती के संरक्षण की अपील की।
- सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’: अपनी कविता “बीज ब्रह्म धरती माता” और “क्यों न हमें भी अभिमान हो” के माध्यम से भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
- रवि गुसाईं: लोकगायक के रूप में कविता गायन प्रस्तुत किया।
🙏 कार्यक्रम संयोजन और संकल्प:
संस्थान के अध्यक्ष अरण्य रंजन ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम एक छोटी शुरुआत है, लेकिन भविष्य में इसे समाज परिवर्तन की दिशा में विस्तारित किया जाएगा। यह सेवा भाव उन्हें अपनी माता-पिता की विरासत के रूप में मिला है।
📌 उल्लेखनीय बिंदु (Coverage Highlights):
- पारंपरिक बीजों के संरक्षण पर दो चरणों में कार्यशाला।
- आमंत्रित विचारों को लिपिबद्ध कर समाज में जन-जागरूकता फैलाने की योजना।
- आगामी संगोष्ठियों में क्रियात्मक समीक्षा का संकल्प।
- शिक्षा, रोजगार, नशा मुक्ति व कृषि के लिए स्थानीय पहल पर जोर।
🙋♀️ उपस्थित गणमान्य एवं प्रतिभागी:
शीशपाल सिंह भंडारी, डॉ. सृजना राणा, धूम सिंह मंद्रवाल, रणवीर सिंह रौतेला, कुलवीर सिंह चौहान, यशपाल सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व मातृशक्ति उपस्थित रहीं।
