उत्तराखंड अधीनस्थ नर्सिंग (संशोधन) नियमावली 2022 के तहत होगी पारदर्शी भर्ती — 690 पदों पर चयन की तैयारी पूरी
🩺 नर्सिंग भर्ती को लेकर युवाओं को भ्रमित करना बंद करे विपक्ष: डॉ. धन सिंह रावत
✍️ देहरादून | 5 दिसम्बर 2025 | Sarhad Ka Sakshi Exclusive
उत्तराखंड में नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि नर्सिंग भर्ती पूरी तरह उत्तराखंड अधीनस्थ नर्सिंग (अराजपत्रित) सेवा संशोधन नियमावली-2022 के अंतर्गत, पारदर्शी प्रक्रिया से राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से की जाएगी।
डॉ. रावत ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह युवाओं में भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है, जो न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण बल्कि प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।
✅ 690 पदों पर होगी नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि:
स्वास्थ्य विभाग में — 103 पद, चिकित्सा शिक्षा विभाग में — 587 पद, कुल 690 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है।
यह भर्ती पूरी तरह से: ✔️ लिखित परीक्षा
✔️ मेरिट आधारित चयन
✔️ आरक्षण नियमों के पालन
✔️ पारदर्शी मूल्यांकन के आधार पर कराई जाएगी।
🔴 पहले क्यों दी गई थी लिखित परीक्षा में शिथिलता?
डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि पूर्व में जब लंबे समय तक भर्ती नहीं हो पाई थी और अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी थी, तब:
युवाओं की मांग पर आपात चिकित्सा आवश्यकताओं को देखते हुए केवल एक बार लिखित परीक्षा में शिथिलता दी गई थी।
उस समय चयन: 👉 वर्षवार मेरिट, शैक्षणिक योग्यता, पूर्ण पारदर्शिता के आधार पर हुआ था। उन्होंने साफ कहा कि यह प्रक्रिया स्थायी नहीं थी और अब आगे सभी भर्तियां नियमों के तहत ही होंगी।
🔥 कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर सीधा हमला
डॉ. रावत ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के बयानों को निराशा और हताशा का प्रतीक बताया और कहा:
“कांग्रेस नेताओं के पास अपनी कोई उपलब्धि नहीं है, इसलिए वे सरकार की हर उपलब्धि पर सवाल उठाकर युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि विपक्ष को चाहिए कि: ➡️ अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाए
➡️ जनता को बताएं कि उन्होंने राज्य के लिए क्या किया
➡️ स्वस्थ राजनीति करें, अफवाह नहीं
🧠 राजनीतिक विश्लेषण: युवाओं को मोहरा बना रहा विपक्ष?
उत्तराखंड में नर्सिंग भर्ती जैसे संवेदनशील और भविष्य-निर्माण से जुड़े विषय को राजनीतिक रंग देना यह दर्शाता है कि विपक्ष ने अब रोजगार जैसे मुद्दों को भी हथियार बना लिया है।
विश्लेषकों की मानें तो:
जब सरकार रिकॉर्ड भर्तियां कर रही है
मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को दूर किया जा रहा है
युवाओं को सरकारी नौकरी के अवसर मिल रहे हैं
तो विपक्ष की यह रणनीति यह संकेत देती है कि वह जनता के बीच भ्रम का माहौल बनाकर राजनीतिक पुनरुत्थान की कोशिश कर रहा है।
🏥 स्वास्थ्य प्रणाली में नर्सिंग अधिकारियों की अहम भूमिका
नर्सिंग अधिकारी किसी भी स्वास्थ्य तंत्र की रीढ़ होते हैं। इनके बिना:
प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, आपात चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, ग्रामीण अस्पतालों की कार्यक्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होती है।
राज्य सरकार द्वारा 690 पदों पर भर्ती से:
✅ अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर होगी
✅ मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी
✅ युवाओं को स्थायी रोजगार मिलेगा
🧾 भर्ती प्रक्रिया का पूरा ढांचा
1️⃣ राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा अधियाचन प्राप्त
2️⃣ विज्ञापन जारी
3️⃣ ऑनलाइन आवेदन
4️⃣ लिखित परीक्षा
5️⃣ मेरिट सूची
6️⃣ दस्तावेज़ सत्यापन
7️⃣ नियुक्ति पत्र
सभी चरण डिजिटल और पारदर्शी होंगे।
📣 डॉ. रावत का स्पष्ट संदेश:
“उत्तराखंड के युवा समझदार हैं, वे सच्चाई को जानते हैं। सरकार हर वर्ग के लिए न्यायपूर्ण तरीके से रोजगार दे रही है।”
✅ सरकार की अब तक की प्रमुख स्वास्थ्य उपलब्धियां (संक्षेप में):
✔️ मेडिकल कॉलेजों का विस्तार
✔️ जिला अस्पतालों का आधुनिकीकरण
✔️ मुफ्त जांच योजनाएं
✔️ आयुष्मान भारत का प्रभावी क्रियान्वयन
✔️ आउटसोर्सिंग की बजाय स्थायी भर्तियां
🥇 जनता का भरोसा सरकार के साथ
स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा जताया कि प्रदेश की जनता विपक्ष की राजनीतिक चालों को समझ चुकी है और आने वाले समय में फिर एक बार विकास और रोजगार को प्राथमिकता देती हुई सरकार का साथ देगी।
