विशाल ब्रह्मभोज के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का हुआ समापन
📍 हडम / चंबा, टिहरी गढ़वाल
रिपोर्ट – सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’
हडम (चंबा) क्षेत्र में दिनांक 27 फरवरी से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का समापन आज प्रसाद वितरण और विशाल ब्रह्मभोज के साथ श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।
ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिवस व्यास पीठ पर आसीन राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेशाचार्य ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए धर्म, सत्य और न्याय के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अन्याय का विरोध नहीं करता, वह भी पाप का भागी होता है।
🐄 गौ सेवा और धर्म का महत्व बताया
कथा के दौरान आचार्य ने गौ माता की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गौ माता के दर्शन समस्त देवताओं के दर्शन के समान माने गए हैं। उन्होंने कहा कि जब गौ माता का स्मरण और सेवा होती है, तब धार्मिक अनुष्ठान पूर्णता को प्राप्त होते हैं।
उन्होंने प्रयागराज में गंगा नदी के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि गंगा मां के समान कोई तीर्थ नहीं है और भागवत कथा, हरि नाम का चिंतन, तुलसी पूजन तथा गौ सेवा अत्यंत पुण्यदायी माने गए हैं।
🙏 पूर्वजों की आत्मशांति के लिए हुआ आयोजन
यह श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा यज्ञ बनवारी लाल कोठारी और कृष्णा कोठारी द्वारा अपने माता स्व. कमलादेवी, पिता स्व. मंगलानंद कोठारी तथा स्व. रतनमणी कोठारी की आत्म-शांति के लिए आयोजित किया गया।
यज्ञ के सफल आयोजन में कोठारी परिवार के पवन कोठारी, विष्णु कोठारी, मोहित, महेश, गणेश कोठारी, नीरज, यश और नितेश कोठारी सहित अन्य परिजनों का विशेष योगदान रहा।
👥 बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
ज्ञान कथा के समापन अवसर पर चंबा, नई टिहरी, देहरादून सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित हुए और ब्रह्मभोज में प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सूरज राणा, पीयूष उनियाल, वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष शोभनी धनोला, ब्लॉक प्रमुख सुमन सज्वाण, कवि सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’, शशि शेखर सकलानी, सुधीर बहुगुणा, इंद्र सिंह नेगी, कृष्णा सेमवाल, अनिल कोठारी, पंकज बहुगुणा, बलवीर पुंडीर, साब सिंह सज्वाण, सोबन सिंह नेगी, शक्ति जोशी, महेश पैन्यूली, वाचस्पति कोठारी, बृजलाल बहुगुणा, आशीष बहुगुणा, सुखदेव उनियाल, सौरभ बहुगुणा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
🌼 श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का संदेश
कथा के समापन पर आचार्य डॉ. दुर्गेशाचार्य ने आचार्य मंडली, दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी परिवारजनों का आभार व्यक्त किया।
यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा।
