शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने श्रीनगर में किया स्विफ्ट स्कूल का शुभारंभ, डिजिटल लैब देख खिल उठे छात्रों के चेहरे
राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर में शुरू हुई पर्सनलाइज्ड एडेप्टिव लर्निंग लैब और अटल टिंकरिंग लैब
श्रीनगर/देहरादून, 23 मई 2026, SKS News।
उत्तराखंड में शिक्षा के डिजिटलीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर में स्विफ्ट स्कूल परियोजना के अंतर्गत आधुनिक पर्सनलाइज्ड एडेप्टिव लर्निंग लैब एवं अटल टिंकरिंग लैब का शुभारंभ किया।
राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जैसे ही छात्र-छात्राओं ने टैबलेट पर उंगलियां फेरीं, उनके चेहरे उत्साह और खुशी से खिल उठे। नई तकनीक आधारित डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बच्चों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
उन्होंने बताया that कान्वे जीनियस फाउंडेशन के सहयोग से प्रदेशभर के विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट एवं स्विफ्ट स्कूलों में परिवर्तित किया जा रहा है।
डॉ. रावत ने जानकारी दी कि पर्सनलाइज्ड एडेप्टिव लर्निंग प्रोग्राम के तहत विद्यालय में डिजिटल लैब स्थापित की गई है, जहां विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इन टैबलेट्स में विशेषज्ञों द्वारा तैयार ई-लर्निंग कंटेंट मौजूद रहेगा। प्रत्येक छात्र को अलग लॉगिन आईडी दी गई है, जिसके माध्यम से वह विभिन्न विषयों का अध्ययन कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का निरंतर मूल्यांकन भी किया जाएगा। प्रत्येक अध्याय के बाद क्विज आयोजित होंगे और निर्धारित अंक प्राप्त करने पर ही विद्यार्थी अगले स्तर की सामग्री तक पहुंच पाएंगे। यदि किसी छात्र के अंक कम आते हैं तो उसकी कमजोरी के अनुसार पुनः अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वह बेहतर प्रदर्शन कर सके।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह पहल बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उनकी सीखने की क्षमता और तकनीकी समझ को भी मजबूत करेगी।
इस दौरान उन्होंने विद्यालय में अटल टिंकरिंग लैब का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन लैब्स के माध्यम से छात्र-छात्राओं को विज्ञान, तकनीक, रोबोटिक्स और डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार एवं प्रयोगात्मक सीखने के अवसर मिलेंगे, जिससे उनमें वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता का विकास होगा।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य सरोज सिंह मेहरा, SMC अध्यक्ष कुशला नाथ, कान्वे जीनियस फाउंडेशन के स्टेट हेड शलभ गुप्ता, पार्षद दिनेश पटवाल, अंजना डोभाल सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
