उत्तराखंड के 10 हजार युवाओं को रोजगार का लक्ष्य, प्रदेशभर में लगेंगे चार मेगा रोजगार मेले
तकनीकी शिक्षा विभाग करेगा रोजगार मेलों का आयोजन; श्रीनगर, देहरादून, काशीपुर और अल्मोड़ा में होंगे मेले, एक सप्ताह में शुरू होगा निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण
देहरादून, 08 अगस्त 2026। उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं के लिए राज्य सरकार ने रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 10 हजार युवाओं को देशभर की विभिन्न बहुराष्ट्रीय एवं निजी कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तकनीकी शिक्षा विभाग प्रदेशभर में विशेष रोजगार मेलों का आयोजन करेगा।
इसके तहत आगामी चार माह में गढ़वाल मंडल में श्रीनगर और देहरादून तथा कुमाऊं मंडल में काशीपुर और अल्मोड़ा में कुल चार रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। इन रोजगार मेलों में तकनीकी शिक्षा के साथ विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, सेवायोजन एवं कौशल विकास विभाग की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार का लक्ष्य
विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने शनिवार को अपने शासकीय आवास पर तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं और लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
डाॅ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि सरकार अब तक करीब 42 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करा चुकी है, जिसमें स्थायी कार्मिकों के साथ संविदा एवं आउटसोर्स कार्मिक भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए तकनीकी शिक्षा विभाग आगामी चार महीनों में चार बड़े रोजगार मेलों का आयोजन करेगा, जिनके माध्यम से प्रदेश के लगभग 10 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
पॉलीटेक्निक, आईटीआई और इंजीनियरिंग कॉलेज के युवाओं को मिलेगा मौका
रोजगार मेलों में प्रदेश के राजकीय पॉलीटेक्निक, आईटीआई और राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों से पास आउट तथा अंतिम वर्ष में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके साथ ही विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत व्यावसायिक पाठ्यक्रम पूरा कर चुके युवाओं को भी विभिन्न निजी कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य रोजगार मेलों को केवल तकनीकी संस्थानों तक सीमित न रखते हुए व्यापक स्तर पर संचालित करना है, ताकि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों और ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को भी निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकें।
एक सप्ताह में शुरू होगा निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को रोजगार मेलों के लिए एक सप्ताह के भीतर निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से इच्छुक युवा अपनी शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी दक्षता और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज कर रोजगार मेलों में प्रतिभाग कर सकेंगे।
इस व्यवस्था से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को भी रोजगार प्रक्रिया से जुड़ने का अवसर मिलने की उम्मीद है।
चार शहरों में होंगे रोजगार मेले
प्रस्तावित रोजगार मेलों का आयोजन इस प्रकार किया जाएगा—
- गढ़वाल मंडल: श्रीनगर एवं देहरादून
- कुमाऊं मंडल: काशीपुर एवं अल्मोड़ा
इन मेलों में विभिन्न बहुराष्ट्रीय एवं निजी कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
कई विभाग मिलकर करेंगे रोजगार मेलों का आयोजन
डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि रोजगार मेलों को सफल बनाने के लिए केवल तकनीकी शिक्षा विभाग ही नहीं, बल्कि विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, सेवायोजन एवं कौशल विकास विभाग की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इस संबंध में शीघ्र ही उच्चस्तरीय संयुक्त बैठक आयोजित कर रोजगार मेलों की विस्तृत कार्ययोजना और कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोजगार मेलों में अधिक से अधिक कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और युवाओं को उनके कौशल के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की पूरी तैयारी की जाए।
विभागों में बनेगा मीडिया सेल, योजनाओं की जानकारी पहुंचेगी आमजन तक
समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने विभागीय स्तर पर सूचना एवं जनसंपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के मुख्यालयों में मीडिया सेल गठित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मीडिया सेल का प्रमुख कार्य विभागीय वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नियमित रूप से अपडेट करना होगा। इसके साथ ही सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों, विकास कार्यों एवं नवाचारों की जानकारी विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए आमजन तक पहुंचाई जाएगी।
प्रत्येक मीडिया सेल में आईटी एवं तकनीकी रूप से दक्ष तीन कार्मिकों को शामिल कर यह जिम्मेदारी दी जाएगी।
मंत्री ने कहा कि आधुनिक दौर में सरकारी योजनाओं की जानकारी समय पर और सही तरीके से आमजन तक पहुंचाना बेहद आवश्यक है। सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर विभागीय गतिविधियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाई जा सकती है।
बैठक में सचिव उच्च शिक्षा बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सचिव तकनीकी शिक्षा डाॅ. रंजीत सिन्हा, कुलपति तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. तृप्ता ठाकुर, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा के.एस. रावत, उप सचिव तकनीकी शिक्षा ब्योमकेश दुबे, संयुक्त निदेशक तकनीकी शिक्षा देवेंद्र गिरी, संयुक्त सचिव आईआरडीटी मुकेश पाण्डेय, उप निदेशक एस.के. वर्मा, महेन्द्र सिंह कन्याल, अभिषेक कुमार सिंह एवं सचिन कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
