
सरहद का साक्षी,
जोधपुर, राजस्थान: नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन की सजा काट रहे आसाराम की जेल से बाहर आने की उम्मीदों पर हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर पानी फेर दिया है।
हाईकोर्ट ने उसकी केरल जाकर आयुर्वेद पद्धति से इलाज कराने के लिए दो माह की अंतरिम जमानत देने की याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया। कोरोना पॉजिटिव आसाराम को जोधपुर एम्स में इलाज चल रहा है।
कोरोना पॉजिटिव होने के बाद आसाराम की तरफ से हाईकोर्ट में दो माह की अंतरिम जमानत देने के लिए याचिका दायर की थी। आसाराम की इस याचिका पर हाईकोर्ट ने जोधपुर एम्स को उसकी मेडिकल जांच कर रिपोर्ट पेश करने को कहा था। हाईकोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता और न्यायाधीश देवेन्द्र कच्छवाह की खंडपीठ ने शुक्रवार को आसाराम की याचिका खारिज कर दी।
वर्ष 2013 में एक नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार होने के बाद से आसाराम जोधपुर के केंद्रीय जेल में बंद है। कोर्ट ने इस मामले में आसाराम को मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई है।

