देव सुमन विश्वविद्यालय चंबा में आपदा प्रबंधन एवं खोज-बचाव प्रशिक्षण आयोजित
80 से अधिक कार्मिकों ने सीखा आपदा से पहले, दौरान और बाद की तैयारियों का तरीका; CPR, रक्तस्राव रोकने और स्थानीय संसाधनों से स्ट्रेचर बनाने का दिया प्रशिक्षण
चंबा (टिहरी गढ़वाल), 26 सितंबर 2026। जिलाधिकारी के निर्देशों तथा अपर जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के मार्गदर्शन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), टिहरी गढ़वाल के तत्वावधान में श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, चंबा में आपदा जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन, खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार तथा भू-देव ऐप डाउनलोड से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं कार्मिकों को आपदा की स्थिति में प्राथमिक स्तर पर प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए तैयार करना रहा।
आपदा से पहले, दौरान और बाद की तैयारियों की दी जानकारी
DDMA टिहरी के मास्टर ट्रेनर अनिल सकलानी ने प्रशिक्षण के दौरान आपदा से पूर्व, आपदा के समय और आपदा के बाद अपनाई जाने वाली तैयारियों एवं सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के संभावित प्रभावों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में भी बताया। प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने तथा उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के संबंध में जानकारी दी गई।
खोज एवं बचाव के उपकरणों की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान खोज एवं बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले बेसिक उपकरणों के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी गई। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति में उपयोगी टोल-फ्री एवं आवश्यक हेल्पलाइन नंबरों के संबंध में भी अवगत कराया गया।
CPR और अत्यधिक रक्तस्राव रोकने की तकनीक समझाई
मास्टर ट्रेनर अनिल सकलानी ने प्रतिभागियों को जीवनरक्षक CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देने की विधि समझाई। इसके साथ ही दुर्घटना या चोट की स्थिति में अत्यधिक रक्तस्राव होने पर उसे नियंत्रित करने के लिए अपनाई जाने वाली प्राथमिक उपचार तकनीक के बारे में भी बताया।
उन्होंने घायलों को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने तथा आपात स्थिति में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों से अस्थायी स्ट्रेचर तैयार करने और घायल व्यक्ति को ले जाने की विधि की जानकारी दी।
बाढ़, भूकंप और आग से बचाव के उपाय बताए
प्रशिक्षण में विभिन्न आपदाओं के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी जानकारी भी दी गई। विशेष रूप से बाढ़ एवं जलभराव, भूकंप, घरेलू आग तथा जंगल की आग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर चर्चा की गई।
प्रतिभागियों को आपदा के समय घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान की पहचान करने, उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित एजेंसियों से सहायता लेने के बारे में जानकारी दी गई।
‘भू-देव ऐप’ की भी दी जानकारी
कार्यक्रम में भू-देव ऐप के बारे में भी प्रतिभागियों को जानकारी दी गई तथा इसके उपयोग और आपदा प्रबंधन से संबंधित उपयोगिता के बारे में बताया गया।
80 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ के साथ डिप्टी कंट्रोलर डॉ. हेमंत बिष्ट सहित कुल लगभग 80 महिला एवं पुरुष कार्मिकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को आपदा की स्थिति में स्वयं सुरक्षित रहने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए आवश्यक प्राथमिक जानकारी एवं व्यावहारिक कौशल प्रदान किए गए।
