जड़धारगांव में 170 लोगों ने एक स्वर-एक लय में गाया ‘वंदे मातरम्’
विद्या भारती के ‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत आनंद सिंह जड़धारी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में हुआ सामूहिक गायन कार्यक्रम
जड़धारगांव (टिहरी गढ़वाल)। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के आह्वान पर ‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत आनंद सिंह जड़धारी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, जड़धारगांव में ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के अवसर पर सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय में अध्ययनरत भैया-बहिनों, आचार्यों, पूर्व छात्रों, प्रबंध समिति, महिला मंगल दल के सदस्यों तथा समाज के विभिन्न गणमान्य लोगों ने सहभागिता की।
विद्यालय परिसर में 170 लोगों ने एक स्वर और एक लय में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। सामूहिक गायन के दौरान विद्यालय परिसर में राष्ट्रभावना का वातावरण देखने को मिला।
नई पीढ़ी को राष्ट्रभावना से जोड़ना उद्देश्य : प्रधानाचार्य
कार्यक्रम के संयोजक एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य शान्ति स्वरूप सकलानी ने ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देशभर में राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ मनाकर नई पीढ़ी को देश के इतिहास और राष्ट्रभावना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराने के साथ मातृभूमि के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का अवसर मिलता है।
स्वतंत्रता आंदोलन की भावना का प्रतीक रहा वंदे मातरम् : रघुभाई जड़धारी
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रघुभाई जड़धारी ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ केवल साहित्यिक रचना नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में राष्ट्रभावना का महत्वपूर्ण प्रतीक बना।
उन्होंने कहा कि इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में देशप्रेम, उत्साह और त्याग की भावना को मजबूत करने में भूमिका निभाई। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्या भारती द्वारा ‘नमामि भारतम्’ के संकल्प के साथ सामूहिक रूप से एक स्वर और एक लय में वंदे मातरम् गायन का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी के मन में यह भाव विकसित करना है कि भारत केवल एक भूखंड नहीं, बल्कि मातृभूमि के रूप में सम्मानित और वंदनीय है।
170 लोगों ने किया सामूहिक गायन
कार्यक्रम की अध्यक्षता इंडवाल गांव के ग्राम प्रधान रविंद्र सिंह नेगी ने की। सौड़ के पूर्व जिला पंचायत सदस्य भरत सिंह नेगी ने कार्यक्रम में पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई, जबकि विनोद जड़धारी सह-संयोजक रहे।
इस अवसर पर विजय सिंह, प्रीति जड़धारी, ममता देवी, संगीता देवी, बीना, कु. सीमा, कु. मुस्कान, आयुष बहुगुणा सहित विद्यालय के भैया-बहिन, आचार्य, पूर्व छात्र, महिला मंगल दल के सदस्य, अभिभावक एवं क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति समर्पण का संदेश दिया।

