G-20 सम्मेलन के प्रति जागरूकता हेतु वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारत का प्रभाव
G-20 सम्मेलन के प्रति जागरूकता हेतु वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारत का प्रभाव विषय पर शहीद वेलमती चौहान राजकीय महाविद्यालय पोखरी पट्टी क्वीली टिहरी गढ़वाल में अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमती सरिता देवी द्वारा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं में एक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई।
सरहद का साक्षी, नरेन्द्र बिजल्वान @पोखरी
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए श्रीमती सरिता देवी ने बताया कि वैश्वीकरण को अपनाना आज की जरूरत है, परंतु हमे आत्म निर्भरता की ओर भी कदम बढ़ा कर अपनी आंतरिक अर्थब्यवस्था को मजबुत बनाना है, जी-20 देशो के इस समुह में भारत अपनी एक अलग पहचान रखता है। वैश्विक करण के नकारात्मक व सकारात्मक दोनों तरह के प्रभाव होते है। इसी संबंध में कुछ छात्राओं ने नकारात्मक प्रभाव पर प्रकाश डाला तो कुछ छात्राओं ने सकारात्मक पक्ष को सामने रखा।
नकाकारत्मक प्रभाव पर बोलते हुए कु0 रीतू, प्रियंका, किरनदीप ने बताया कि वैश्वीकरण अध्यात्म के स्थान पर उपभोग्तावाद को बढ़ा रहा है, वैश्वीकरण का घरेलू उत्पादन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है साथ ही इसके कारण हम अपनी संस्कृति से दूर होते जा रहे है।
सकारात्मक पक्ष पर बोलते हुए कु0 काजल, मोनिका, अनिशा ने बताया कि वैश्वीकरण आज की जरूरत है वैश्वीकरण ने टेक्नालॉजी के स्तर को बढ़ाया है रोजगार को बढ़ाया है वस्तुओं की उपलब्धता के कारण उपभोग बढ़ा है जिससे मानवीय जीवन स्तर में सुधार हुआ है। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पाने वाले छात्रा-छात्रओं को महाविद्यालय से पुरस्कृत किया जाएगा।
इस अवसर एन0एस0एस0 कार्यक्रम अधिकारी डॉ0 राम भरोसे,डॉ0 विबेकानन्द भट्ट,डॉ मुकेश सेमवाल,डॉ0 वंदना सेमवाल, डॉ0 सुमिता पंवार, कुमारी अमिता,अंकित कुमार, श्रीमती सुनीता, नरेश रावत, मोनिका, पूजा, अंजली, काजल, अनिशा, नरेंद्र आदी की उपस्थिति रही।
