कुंजापुरी मेले की सांस्कृतिक संध्या में स्कूली बच्चों का जलवा, सुबह पांच बजे तक चलीं प्रस्तुतियां
गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी गीतों पर थिरके छात्र-छात्राएं; विभिन्न श्रेणियों में गुरु राम राय पब्लिक स्कूल और माउंट कार्मल क्रिश्चियन एकेडमी ने हासिल किए प्रथम स्थान
नरेंद्रनगर, टिहरी गढ़वाल, 13 अक्टूबर। सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या स्कूली छात्र-छात्राओं की शानदार प्रस्तुतियों के नाम रही। क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी लोकगीतों पर पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
बच्चों के उत्साह और शानदार प्रदर्शन का आलम यह रहा कि कड़ाके की ठंड के बावजूद सांस्कृतिक कार्यक्रम सुबह पांच बजे तक चलता रहा। लोक संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियों का आनंद लेने के लिए दर्शक भोर तक पंडाल में डटे रहे।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
मेले की प्रतियोगितात्मक सांस्कृतिक संध्या में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता की अनिवार्य श्रेणी के बालिका वर्ग में गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, नरेंद्रनगर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। राजमाता बालिका इंटर कॉलेज, भागीरथीपुरम (नई टिहरी) द्वितीय और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, नरेंद्रनगर तृतीय स्थान पर रहा।
https://www.facebook.com/share/p/19UHT7Vztj/
अनिवार्य श्रेणी के बालक वर्ग में माउंट कार्मल क्रिश्चियन एकेडमी, नरेंद्रनगर ने प्रथम तथा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, देवधार ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
ऐच्छिक श्रेणी में भी विद्यालयों का शानदार प्रदर्शन
ऐच्छिक श्रेणी के बालिका वर्ग में माउंट कार्मल क्रिश्चियन एकेडमी, नरेंद्रनगर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। राजकीय इंटर कॉलेज दौंक, जौनपुर द्वितीय और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, नरेंद्रनगर तृतीय स्थान पर रहा।
वहीं, ऐच्छिक श्रेणी के बालक वर्ग में गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, नरेंद्रनगर ने प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज दौंक, जौनपुर ने द्वितीय और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, नरेंद्रनगर ने तृतीय स्थान हासिल किया।
लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
सांस्कृतिक संध्या में विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीतों और नृत्य के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया। प्रस्तुतियों ने दर्शकों को लोक संस्कृति से जोड़े रखा और मेले के माहौल को उत्साहपूर्ण बनाया।
मेला समिति के पदाधिकारियों ने विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने बच्चों के उत्साह, मेहनत और प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों को स्थानीय लोक संस्कृति के संरक्षण और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
पुलिस और मेला समिति की व्यवस्थाएं रहीं सुचारू
पूरी रात चले सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन और मेला समिति की ओर से व्यवस्थाएं सुचारू बनाए रखी गईं। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों और दर्शकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।
