‘शराब नहीं, संस्कार’ मुहिम से जुड़ रहे गांव, मदिरा रहित विवाह करने वाले तीन परिवार सम्मानित
बागी, स्यूटा और कुट्ठा में विवाह समारोहों को नशामुक्त बनाने की पहल, युवाओं और परिवारों ने दिया संस्कारयुक्त समाज का संदेश
टिहरी गढ़वाल। समाज में नशामुक्ति, पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित ‘शराब नहीं, संस्कार’ मुहिम के अंतर्गत टिहरी गढ़वाल के ग्राम बागी, स्यूटा और कुट्ठा में मदिरा रहित विवाह करने वाले तीन परिवारों से जुड़े लोगों को सम्मानित किया गया। मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने ग्राम बागी की अंजली कठैत, ग्राम स्यूटा की अंजली और ग्राम कुट्ठा के संदीप को सम्मानित किया।
इस पहल के माध्यम से विवाह जैसे मांगलिक अवसरों को शराब से दूर रखकर पारिवारिक खुशियों, सामाजिक जिम्मेदारी और संस्कारों के साथ मनाने का संदेश दिया गया।
परिवर्तन की शुरुआत परिवार से होती है: सुशील बहुगुणा
‘शराब नहीं, संस्कार’ मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों और सामाजिक संबंधों का पवित्र संगम है। ऐसे मांगलिक अवसरों पर शराब के स्थान पर संस्कार, सम्मान और पारिवारिक सौहार्द को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुहिम का उद्देश्य किसी पर प्रतिबंध थोपना नहीं, बल्कि जनजागरूकता और स्वैच्छिक संकल्प के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। जब युवा और उनके परिवार स्वयं मदिरा रहित विवाह का निर्णय लेते हैं, तो वे आने वाली पीढ़ी के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
सामूहिक प्रयास से बनेगा नशामुक्त समाज
ग्राम समाज सुधार समिति के अध्यक्ष नवीन कठैत ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण सामूहिक जिम्मेदारी है। गांवों के जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों को मिलकर ऐसी परंपराओं को बढ़ावा देना चाहिए, जिनसे सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूती मिले।
ग्राम बागी की ग्राम प्रधान कविता देवी ने भी मदिरा रहित विवाह की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब परिवार स्वयं आगे आकर ऐसे आयोजन करते हैं, तो अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने इस प्रकार की जनजागरूकता गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
दुल्हनों और युवाओं ने साझा किए विचार
ग्राम स्यूटा की दुल्हन अंजली ने कहा कि विवाह जीवन का महत्वपूर्ण और यादगार अवसर है, जिसे संस्कारों, खुशियों और परिवार के आशीर्वाद के साथ मनाया जाना चाहिए। उन्होंने अधिक से अधिक परिवारों से मदिरा रहित विवाह की पहल से प्रेरणा लेने की अपील की।
ग्राम कुट्ठा के संदीप ने कहा कि विवाह जैसे शुभ अवसर पर परिवार और रिश्तेदारों की खुशियां सबसे महत्वपूर्ण होती हैं। उनके अनुसार, मदिरा रहित विवाह से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और ऐसी परंपराएं परिवारों को जोड़ने तथा नई पीढ़ी को अच्छे संस्कार देने में सहायक हो सकती हैं।
ग्राम बागी की अंजली कठैत ने भी ‘शराब नहीं, संस्कार’ मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर अच्छे संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता देने से सकारात्मक बदलाव की राह बन सकती है। उन्होंने अन्य परिवारों से भी मदिरा रहित विवाह अपनाने की अपील की।
महिलाओं ने भी निभाई सहभागिता
इन कार्यक्रमों में ग्राम बागी से आनंदी देवी और महिला मंगल दल की पिंकी चौहान, ग्राम स्यूटा से अंबिका देवी एवं सरला सजवान तथा ग्राम कुट्ठा से सरिता देवी उपस्थित रहीं। सभी ने मदिरा रहित विवाह और नशामुक्त समाज के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
‘शराब नहीं, संस्कार’ मुहिम का संदेश है—‘नशामुक्त समाज, संस्कारित समाज, सशक्त राष्ट्र।’ इस पहल के माध्यम से लोगों को विवाह, जन्मदिन और अन्य मांगलिक आयोजनों को मदिरा रहित बनाकर स्वस्थ सामाजिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
