कुंजापुरी मेले में प्रियंका मेहर और हेमा नेगी करासी की जुगलबंदी ने बांधा समां
छठी सांस्कृतिक संध्या उत्तराखंडी लोक संगीत के नाम रही, प्रियंका के गीतों पर झूमे युवा तो हेमा नेगी करासी के जागरों ने भक्तिरस में डुबोया
टिहरी गढ़वाल, 17 अक्टूबर 2026। ऐतिहासिक सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की छठी सांस्कृतिक संध्या उत्तराखंडी लोक संगीत के रंग में सराबोर रही। सांस्कृतिक मंच पर सुप्रसिद्ध लोक गायिका प्रियंका मेहर और प्रख्यात जागर गायिका हेमा नेगी करासी ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में हजारों दर्शक पंडाल में मौजूद रहे और कलाकारों की सुरीली आवाज तथा लोकधुनों पर झूमते रहे।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ
छठी सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मां कुंजापुरी मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
प्रियंका मेहर के गीतों पर झूमे युवा
कार्यक्रम की शुरुआत युवा लोक गायिका प्रियंका मेहर की प्रस्तुतियों से हुई। मंच पर आते ही उन्होंने पारंपरिक और आधुनिक संगीत का शानदार संगम पेश कर दर्शकों में उत्साह भर दिया।
प्रियंका मेहर ने अपने लोकप्रिय गीतों ‘फूल खिलाला’, ‘रम झमा’, ‘मैत वाली दिसा’, ‘घूमू घालू’ और ‘लड़का कुमाऊं को’ के साथ गढ़वाली-कुमाऊंनी मैशअप प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुतियों पर युवा दर्शक झूम उठे और पूरा पंडाल तालियों तथा उत्साह से गूंजता रहा।
हेमा नेगी करासी के जागरों ने जगाई भक्ति की अलख
इसके बाद प्रख्यात जागर गायिका हेमा नेगी करासी ने मंच संभाला। उन्होंने मां कुंजापुरी के भक्तिमय भजनों और पारंपरिक आछरी जागरों से वातावरण को भक्तिरस से भर दिया।
उन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों ‘सोबनु’, ‘मेरी बामणी’, ‘कांचनी कैलाश’, ‘नंदा के जगराते’ और ‘घस्यारी’ की प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। उनकी गायकी ने उत्तराखंड की लोक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत की।
कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम में मेला अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पवार, महेश गोसाईं, द्वारिका प्रसाद जोशी, प्रकाश चंद्र रमोला, सभासद साकेत बिजल्वाण, सभासद सचिन भंडारी, ममता, आशा, विनीता, रवि नेगी, नगर पालिका के पदाधिकारी, मेला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अतिथियों ने दोनों कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया तथा सफल आयोजन के लिए मेला समिति को बधाई दी। उत्तराखंडी लोक संगीत से सजी इस सांस्कृतिक संध्या ने मेले के उत्साह को और बढ़ा दिया।
