नैसर्गिक सौंदर्य से भरपूर है लोहिताल डांडा
डांडाचली में इको पार्क स्वीकृत करने की मांग
Tehri News Article: D.P. Uniyal: विकास खंड चम्बा का गजा डांडाचली मोटरमार्ग के डांडाचली नामक स्थान से ऊपर लोहिताल डांडा प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है।
डांडाचली से लगभग दो किलोमीटर ऊपर लोहिताल डांडा में समतल भूमि है तथा चारों ओर देवदार, बांज, बुरांस, उतीस, काफल का मिश्रित जंगल होने से पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है।
बताते चलें कि यहां पर वर्तमान में पर्यटकों के लिए काटेज (ठहरने के लिए) बन गये हैं। सेब, पुलम, आड़ू खुमानी के बहुतायत पेड़ों के साथ ही सब्जी उत्पादन भी खूब होता है। इसके निकट माणदा गांव निवासियों ने श्रीघंटाकर्ण देवता का मंदिर बना रखा है जहां पर मंदिर में दर्शन करने वाले बहुत भक्त आते रहते हैं।
माणदा गांव निवासी आनन्द सिंह खाती व रघुबीर सिंह खाती बताते हैं कि श्रीघंटाकर्ण धाम मंदिर क्वीली डांडा से देवता की मूर्ति प्राचीनतम समय में उनके पूर्वजों के द्वारा यहां पर स्थापित की गई थी, उसके बाद मंदिर का नव निर्माण कार्य किया गया।
धारअकरिया पट्टी के कैंच्छू, कोटद्वार, दिगोठी, रानीचौरी क्षेत्र के लोगों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा विगत कई वर्षों से डांडाचली में इको पार्क स्वीकृत करने की मांग की जा रही है, लोगों का कहना है कि यह स्थान प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है व ट्रैकिंग के लिए उचित है।
