कोठी मल्ली में नव निर्मित श्रीनागराजा मंदिर में विधिवत मूर्ति स्थापना, विशाल भण्डारे में उमड़ा आस्था का सैलाब
तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के बाद संपन्न हुई प्राण-प्रतिष्ठा, कोठियाल बंधुओं एवं ग्रामवासियों ने सामूहिक सहयोग से
नकोट, टिहरी गढ़वाल | एसकेएस न्यूज़
टिहरी गढ़वाल के मखलोगी प्रखण्ड अंतर्गत ग्राम कोठी मल्ली में नव निर्मित श्रीनागराजा मंदिर में तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत भगवान श्रीनागराजा की मूर्ति की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा (मूर्ति स्थापना) संपन्न हुई। इस पावन अवसर पर कोठियाल बंधुओं एवं ग्रामवासियों के सहयोग से विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-यज्ञ एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों के समापन पर भगवान श्रीनागराजा की मूर्ति की विधिवत स्थापना की गई। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।
तीन दिनों तक चला धार्मिक अनुष्ठान
कार्यक्रम के दौरान विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में तीन दिवसीय पूजा-अर्चना, हवन एवं वैदिक अनुष्ठान संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर भगवान श्रीनागराजा से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

विशाल भण्डारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
मूर्ति स्थापना के उपरांत आयोजित विशाल भण्डारे में दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रसोइया की दाल-भात का प्रसाद ग्रहण किया। भण्डारे में सामाजिक समरसता, भाईचारे और सामूहिक सहयोग की सुंदर झलक देखने को मिली।
ध्याणतौं की रही विशेष सहभागिता
इस धार्मिक आयोजन में गांव की ध्याणतौं (विवाहित बेटियों) ने भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमामय एवं सांस्कृतिक रंग प्रदान किया।
सामूहिक सहयोग से सफल हुआ आयोजन
पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में कोठियाल बंधुओं के साथ-साथ गांव के सभी वर्गों के लोगों ने तन, मन और धन से सहयोग दिया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया।
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों, सहयोगकर्ताओं एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।
श्रीनागराजा मंदिर में मूर्ति स्थापना के साथ ही क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी आस्था को नया स्वरूप मिला है। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से अपनी समृद्ध लोक परंपराओं और धार्मिक विरासत को सहेजने का कार्य निरंतर जारी रखा जाएगा।
