टिहरी में किसानों के लिए सुनहरा अवसर: पॉलीहाउस पर 80 प्रतिशत तक अनुदान, उद्यान विभाग की योजनाओं का उठाएं लाभ
कीवी मिशन से लेकर वर्मी कम्पोस्ट, फलोद्यान स्थापना और रेन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक तक कई योजनाएं उपलब्ध; प्रभारी उद्यान सचल दल गजा विजय सिंह चौहान ने किसानों से किया लाभ उठाने का आह्वान
गजा/टिहरी गढ़वाल। किसानों और उद्यानपतियों की आय बढ़ाने तथा आधुनिक बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यान विभाग की ओर से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से पॉलीहाउस स्थापना, कीवी उत्पादन, उन्नत फलोद्यान विकास, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण और वर्षा जल संचयन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजनाओं के अंतर्गत निर्धारित मानकों के अनुसार अनुदान की व्यवस्था भी है, जिससे किसान कम लागत में उद्यानिकी गतिविधियां शुरू कर सकें।
प्रभारी उद्यान सचल दल गजा विजय सिंह चौहान ने क्षेत्र के किसानों एवं उद्यानपतियों से अपील की है कि वे उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों और फलोत्पादन की संभावनाओं पर भी ध्यान देने का आह्वान किया।
पॉलीहाउस स्थापना पर 80 प्रतिशत तक सरकारी सहायता
उद्यान विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई योजना संबंधी जानकारी के अनुसार, आरआईडीएफ योजना के अंतर्गत 50 और 100 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस स्थापित करने का प्रावधान है। पॉलीहाउस में नियंत्रित वातावरण के माध्यम से सब्जियों, फूलों और अन्य उपयुक्त फसलों का उत्पादन किया जा सकता है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, 50 वर्ग मीटर पॉलीहाउस की अनुमानित लागत 98,449 रुपये है, जिसमें 78,759 रुपये सरकारी सहायता तथा 19,690 रुपये कृषक अंश दर्शाया गया है। वहीं, 100 वर्ग मीटर पॉलीहाउस की अनुमानित लागत 1,84,522 रुपये है, जिसमें 1,47,618 रुपये सरकारी सहायता और 36,904 रुपये कृषक अंश निर्धारित दर्शाया गया है।
इस प्रकार, योजना के प्रदर्शित विवरण के अनुसार पॉलीहाउस स्थापना पर 80 प्रतिशत तक सहायता का प्रावधान है। इच्छुक किसानों को आवेदन करने से पहले संबंधित कार्यालय से वर्तमान दिशा-निर्देशों, पात्रता और स्वीकृति प्रक्रिया की पुष्टि करनी चाहिए।
कीवी मिशन और उन्नत फलोद्यान से बढ़ेगी आय की संभावना
उद्यान विभाग की योजना सूची में कीवी मिशन, सेब की उन्नत किस्मों के रूटस्टॉक तथा पौधरोपण आधारित फलोद्यान स्थापना जैसी योजनाएं भी शामिल हैं।
कीवी मिशन के उपलब्ध विवरण के अनुसार, प्रति इकाई अनुमानित लागत 12 लाख रुपये दर्शाई गई है। इसमें 9.60 लाख रुपये राजकीय सहायता और 2.40 लाख रुपये कृषक अंश का उल्लेख है।
सेब की उन्नत किस्मों के अंतर्गत एम-9 रूटस्टॉक के लिए प्रति इकाई अनुमानित लागत 12.365 लाख रुपये, राजकीय सहायता 7.42 लाख रुपये तथा कृषक अंश 4.95 लाख रुपये दर्शाया गया है। वहीं, एमएम-111 रूटस्टॉक के लिए कुल लागत 7.86 लाख रुपये, राजकीय सहायता 4.72 लाख रुपये और कृषक अंश 3.14 लाख रुपये का विवरण दिया गया है।
सीडलिंग आधारित फलोद्यान स्थापना के लिए प्रति इकाई 3.34 लाख रुपये की अनुमानित लागत, 2 लाख रुपये राजकीय सहायता और 1.34 लाख रुपये कृषक अंश का उल्लेख है। इन योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र की जलवायु के अनुकूल फलोत्पादन को प्रोत्साहित करने की संभावनाएं हैं।
वर्मी कम्पोस्ट, वर्षा जल संचयन और अन्य योजनाएं भी उपयोगी
उद्यान विभाग की प्रदर्शित योजनाओं में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक और अन्य कृषि विकास योजनाएं भी शामिल हैं।
वर्मी कम्पोस्ट निर्माण योजना के विवरण में 75 प्रतिशत राजकीय सहायता और 25 प्रतिशत कृषक अंश का उल्लेख है। जिला योजना के अंतर्गत टैंक निर्माण के लिए भी राजकीय सहायता तथा कृषक अंश का प्रावधान दर्शाया गया है।
वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से जैविक खाद की उपलब्धता बढ़ाने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सकती है। वहीं, वर्षा जल संचयन टैंक पहाड़ी क्षेत्रों में पानी को संचित करने और जरूरत के समय सिंचाई में उपयोग करने के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
इसके अतिरिक्त योजना सूची में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई), ड्रैगन फ्रूट, एप्पल मिशन और अन्य उद्यान विकास योजनाओं का भी उल्लेख है। संबंधित योजनाओं में सहायता की राशि, पात्रता और आवेदन की शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं।
जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय या उद्यान सचल दल केंद्र से लें जानकारी
प्रभारी उद्यान सचल दल गजा विजय सिंह चौहान ने किसानों एवं उद्यानपतियों से आग्रह किया कि वे किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले उसकी पात्रता, अनुदान की शर्तों, आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने योजनाओं के प्रति जागरूक होकर आधुनिक उद्यानिकी अपनाने और अपनी आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया।
योजनाओं की जानकारी और आवेदन संबंधी मार्गदर्शन के लिए किसान जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, नई टिहरी अथवा अपने निकटतम उद्यान सचल दल केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित सरकारी पोर्टल और संबंधित विभागीय प्रक्रिया के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
