टिहरी में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था होगी मजबूत, डीएम ने कूड़ा निस्तारण संयंत्रों के उन्नयन पर दिया जोर
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने की समीक्षा बैठक, भाटूसैंण से शिवपुरी तक विभिन्न स्थानों पर कूड़ा निस्तारण संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने के प्रस्तावों पर चर्चा
टिहरी गढ़वाल, 14 अक्टूबर। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कार्यालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न विकासखंडों में कूड़ा उठान, पृथक्करण और निस्तारण की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए नियमित निगरानी और कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
नियमित कूड़ा उठान और पृथक्करण सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने प्रतिदिन कूड़ा उठान में लगी गाड़ियों और कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि कूड़े का पृथक्करण (सेग्रीगेशन) व्यवस्थित तरीके से किया जाए, ताकि उसके निस्तारण की प्रक्रिया प्रभावी बनाई जा सके।
उन्होंने जिला पंचायत के अंतर्गत विभिन्न विकासखंडों में संचालित कॉम्पैक्टर शेड की स्थिति, उनकी कार्यक्षमता और मौजूदा कूड़ा निस्तारण व्यवस्था की समीक्षा की। साथ ही, व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
छह क्षेत्रों में निस्तारण संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने पर चर्चा
बैठक में विभिन्न विकासखंडों में संचालित कूड़ा पृथक्करण एवं निस्तारण संयंत्रों के विस्तारीकरण और उन्नयन से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इनमें प्रमुख रूप से निम्न स्थान शामिल हैं:
- चंबा: भाटूसैंण
- भिलंगना: मयकोट
- जाखणीधार: जलवागांव मल्ला
- प्रतापनगर: रमोल गांव
- नरेंद्रनगर: शिवपुरी
- जौनपुर: रौंतू की बेली
इन स्थानों पर संचालित संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तावों का उद्देश्य कूड़ा निस्तारण की मौजूदा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और बढ़ती जरूरतों के अनुरूप सुविधाओं का विकास करना है।
वैज्ञानिक निस्तारण से बेहतर होगी स्वच्छता व्यवस्था
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए कूड़े का नियमित उठान, उचित पृथक्करण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार करते हुए जनपद की स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) जिला पंचायत गणेश भट्ट सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
