टिहरी लेक फेस्टिवल 2026: 12 हजार फीट से पैराग्लाइडिंग कर जवानों ने झील में की लैंडिंग, राज्यपाल गुरमीत सिंह हुए रोमांचित
टिहरी झील के ऊपर सेना के हैरतअंगेज करतब, राज्यपाल ने जवानों की पीठ थपथपाकर किया सम्मान
टिहरी गढ़वाल | 08 मार्च 2026।
द टिहरी लेक फेस्टिवल–2026 के तीसरे दिन टिहरी झील के ऊपर सेना के जवानों द्वारा किए गए पैराग्लाइडिंग प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। एक ओर आसमान में ऊंचाई से उड़ान भरते जवान थे, तो दूसरी ओर झील किनारे खड़े हजारों दर्शक इस अद्भुत दृश्य को देख रोमांच का अनुभव कर रहे थे।
इस दौरान उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। सेना में लंबे समय तक सेवा दे चुके राज्यपाल का ‘फौजी मन’ अपने जवानों के इस साहसिक प्रदर्शन को देखकर गर्व और उत्साह से भर उठा।
12 हजार फीट की ऊंचाई से पैराग्लाइडिंग
सेना के जवानों ने लगभग 12 हजार फीट की ऊंचाई से पैराग्लाइडिंग करते हुए टिहरी झील की ओर उड़ान भरी और शानदार अंदाज में झील के जल में सुरक्षित लैंडिंग की। जैसे ही जवानों ने झील में लैंडिंग की, वहां मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने बाद में इन जंपर्स से मुलाकात कर उनकी पीठ थपथपाई और उनके साहसिक प्रदर्शन की सराहना की। मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भी उन्होंने कई बार सेना के जवानों का उल्लेख करते हुए उन्हें बधाई दी।
पुरानी टिहरी की स्मृतियों से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन
टिहरी लेक फेस्टिवल के दौरान राज्यपाल ने पुरानी टिहरी शहर की स्मृतियों को संजोकर तैयार की गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में टिहरी के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी कई वस्तुएं प्रदर्शित की गई थीं।
प्रदर्शनी में विभिन्न मंदिरों के चित्र, पारंपरिक वाद्ययंत्र, राजा की पालकी तथा स्वतंत्रता सेनानी श्रीदेव सुमन को पहनाई गई बेड़ियां भी प्रदर्शित की गईं, जिन्हें देखकर राज्यपाल ने टिहरी के इतिहास और विरासत की सराहना की।
स्वयंसेवी समूहों के स्टॉल का भी किया निरीक्षण
राज्यपाल ने कोटी कॉलोनी में लगाए गए विभिन्न स्वयंसेवी समूहों के स्टॉल का भी निरीक्षण किया और वहां प्रदर्शित स्थानीय उत्पादों तथा गतिविधियों की जानकारी ली।
टिहरी लेक फेस्टिवल के इस रोमांचक कार्यक्रम ने न केवल दर्शकों को साहसिक खेलों का अद्भुत अनुभव कराया, बल्कि टिहरी झील को एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में भी स्थापित किया।
