सिविल जज (सीडी) एवं औषधि निरीक्षकों का संयुक्त निरीक्षण, दो मेडिकल स्टोरों पर तीन दिन तक दवा बिक्री पर रोक
बी-पुरम और जाखणीधार बाजार में औषधि लाइसेंस, एक्सपायरी दवाओं एवं अभिलेखों की हुई जांच, अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई
नई टिहरी, 2 अगस्त 2026। सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशों तथा जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष नितिन शर्मा के आदेशानुसार सिविल जज (सीडी) एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दयाराम के नेतृत्व में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को बी-पुरम एवं जाखणीधार बाजार स्थित विभिन्न मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण अभियान में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक चंद्रप्रकाश नेगी एवं औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) ऋषभ धामा सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र भी शामिल रहे।
औषधि लाइसेंस से लेकर एक्सपायरी दवाओं तक की हुई जांच
संयुक्त निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोरों में—
- औषधि लाइसेंस की वैधता,
- दवाओं के सुरक्षित भंडारण,
- एक्सपायरी तिथि,
- खरीद एवं बिक्री अभिलेख,
- बिल जारी करने की व्यवस्था,
- तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित मानकों
का गहन परीक्षण किया गया।
दो मेडिकल स्टोरों पर तीन दिन तक बिक्री पर रोक
निरीक्षण के दौरान दो मेडिकल स्टोरों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों में तीन दिनों के लिए दवाओं के विक्रय पर रोक लगा दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक सुधार एवं नियमानुसार अनुपालन सुनिश्चित करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल स्टोर संचालकों को दिए आवश्यक निर्देश
निरीक्षण के दौरान सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देशित किया गया कि—
- केवल वैध एवं गुणवत्तापूर्ण दवाओं का ही विक्रय करें।
- एक्सपायरी दवाओं को अलग एवं सुरक्षित स्थान पर रखें।
- प्रत्येक ग्राहक को अनिवार्य रूप से बिक्री का बिल उपलब्ध कराएं।
- दवाओं के रख-रखाव एवं अभिलेखों का नियमित एवं अद्यतन संधारण करें।
- औषधि नियमों एवं निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।
जहां कमियां पाई गईं, वहां संबंधित संचालकों को उन्हें शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए।
जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि आमजन को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप दवाएं उपलब्ध कराना तथा उनके स्वास्थ्य संबंधी अधिकारों की रक्षा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी जनहित में ऐसे संयुक्त निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाते रहेंगे, ताकि औषधि नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके।

