सीएम धामी के निर्देश पर खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन: दूध-पनीर से लेकर होटलों के किचन तक छापेमारी, तीन रेस्टोरेंट बंद
होटल मधुवन, जेएसआर और सरोवर पोर्टिको में खाद्य सामग्री की जांच; दूध-पनीर समेत कई नमूने प्रयोगशाला भेजे, गंदगी और नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई
देहरादून, 12 जुलाई 2026।
राजधानी देहरादून में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। अभियान के दौरान होटल, रेस्टोरेंट और दुग्ध प्रतिष्ठानों में किचन से लेकर स्टोर तक खाद्य सामग्री की गहन जांच की गई।
कार्रवाई के दौरान दूध, पनीर, तैयार दाल और चीज समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वहीं खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता और लाइसेंस संबंधी गंभीर खामियां मिलने पर देहरादून के तीन रेस्टोरेंटों को मौके पर ही बंद करा दिया गया।
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति रही। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला जांच में यदि किसी नमूने में मिलावट, गुणवत्ता में कमी अथवा निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किचन से स्टोर तक पहुंची खाद्य विभाग की टीम
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर विभागीय टीमों ने देहरादून के विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट, दुग्ध प्रतिष्ठानों और अन्य खाद्य कारोबारियों के यहां सघन निरीक्षण किया।
अभियान के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के साथ-साथ खाद्य लाइसेंस, कच्चे माल का स्रोत, खरीद के बिल, पैकेजिंग, लेबलिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि और भंडारण व्यवस्था की भी जांच की गई।
विशेष रूप से दूध, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता तथा उनके वास्तविक स्रोत को लेकर विभाग ने निगरानी बढ़ाई है। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
होटल मधुवन और सरोवर पोर्टिको समेत प्रमुख प्रतिष्ठानों में जांच
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार अभियान के तहत होटल मधुवन, जेएसआर और फाइव स्टार होटल सरोवर पोर्टिको के किचन एवं स्टोर का निरीक्षण किया गया।
टीम ने खाद्य सामग्री के स्रोत, खरीद के बिल, लेबलिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि तथा पैकेजिंग की जांच की। निरीक्षण के दौरान स्टोर में रखी पैक्ड इमली की लेबलिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इस मामले में संबंधित निर्माता को नोटिस जारी किया गया।
वहीं होटल से तैयार दाल के दो तथा चीज का एक नमूना जांच के लिए लिया गया है।
राजपुर रोड के रेस्टोरेंटों में मिली गंदगी, तीन प्रतिष्ठान बंद
खाद्य विभाग की टीम ने राजपुर रोड स्थित वन विभाग कार्यालय के बाहर संचालित रेस्टोरेंटों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान दो रेस्टोरेंट के किचन में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियां पाए जाने की बात सामने आई।
एक प्रतिष्ठान से खुले पनीर का नमूना लेकर उसकी गुणवत्ता और वास्तविक घटकों की जांच के लिए भेजा गया। वहीं एक अन्य प्रतिष्ठान में मौके पर वैध खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं पाया गया और किचन की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी।
खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर राजीव पुत्र श्री दरवारी लाल, गढ़वाल भोजनालय और लजीज काठी रोल नामक तीन रेस्टोरेंटों को मौके पर बंद कराया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का अनुपालन सुनिश्चित होने तक इन प्रतिष्ठानों में खाद्य कारोबार संचालित नहीं किया जा सकेगा।
दूध और पनीर के नमूने भी जांच के लिए भेजे
अभियान के तहत वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम देहरादून रमेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने नेहरू ग्राम और छह नंबर पुलिया क्षेत्र के दुग्ध प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
संदेह के आधार पर मौके से एक दूध और एक पनीर का नमूना लिया गया। विभाग के अनुसार नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि इनमें गुणवत्ता संबंधी कमी या मिलावट पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य गुणवत्ता से समझौता नहीं: विनय शंकर पांडेय
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दूध, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मिलावट अथवा अनधिकृत खाद्य उत्पादों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, नमूना संग्रह और अभियान की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और विशेष रूप से उन प्रतिष्ठानों पर निगरानी रखी जाएगी जहां बड़ी संख्या में लोगों को भोजन परोसा जाता है।
खाद्य कारोबारियों को साफ संदेश
विभाग की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को अब किसी भी स्तर पर राहत नहीं मिलेगी। विभाग का फोकस केवल नमूना लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद्य पदार्थों के स्रोत से लेकर भंडारण, किचन की स्वच्छता और उपभोक्ता तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है।
अभियान में उपायुक्त गढ़वाल मंडल राजेंद्र रावत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा देहरादून मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, संतोष कुमार सिंह और संजय तिवारी सहित खाद्य सुरक्षा विभाग की विभिन्न टीमें शामिल रहीं।
