आराकोट ग्राम सभा का ऐतिहासिक फैसला: शादी-विवाह और सामाजिक आयोजनों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध
नशामुक्त और संस्कारित समाज के निर्माण हेतु ग्राम समाज सुधार समिति का गठन, ग्रामीणों ने ली सामाजिक सुधार की शपथ
चम्बा (टिहरी गढ़वाल), 2 जून। SKS News।
चंबा विकासखंड की ग्राम पंचायत आराकोट में आयोजित एक महत्वपूर्ण सामूहिक बैठक में सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए शादी-विवाह, मुंडन, जन्मदिन तथा अन्य सामाजिक आयोजनों में शराब परोसने एवं सेवन करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान एवं संरक्षक रमेश्वरी देवी ने की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की।
बैठक में समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए निर्णय लिया गया कि विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में शराब का उपयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही विवाह समारोहों में डीजे संचालन की समय सीमा रात्रि 12 बजे तक निर्धारित की गई। शराब पीकर गांव में हुड़दंग करने वालों के विरुद्ध सामाजिक कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया गया। ग्राम सभा ने नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आर्थिक दंड एवं सामाजिक दायित्व तय करने का प्रस्ताव भी पारित किया।
सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से बैठक में सर्वसम्मति से “ग्राम समाज सुधार समिति” का गठन किया गया। समिति में गीता देवी को अध्यक्ष, हुकम सिंह रावत को उपाध्यक्ष, सावित्री देवी को सचिव, सुशीला देवी को सह सचिव तथा पूरण चंद को कोषाध्यक्ष चुना गया।
इसके अतिरिक्त कृष्णा देवी, रीता देवी, सुमन चौहान, रेनू रावत, राधा रमोला, रजनी रावत एवं शंकुतला देवी को समिति का सदस्य नामित किया गया।
ग्राम प्रधान रमेश्वरी देवी ने कहा कि गांव के सामाजिक वातावरण को स्वस्थ, सुरक्षित और संस्कारित बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक ग्रामीण की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है तथा ग्राम पंचायत इस दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी।
“शराब नहीं, संस्कार” अभियान के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने ग्राम सभा के इस निर्णय को समाज सुधार की दिशा में एक अनुकरणीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि नशा परिवारों को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से कमजोर करता है, जबकि संस्कार समाज को मजबूत, संगठित और प्रगतिशील बनाते हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत, ग्राम समाज सुधार समिति एवं समस्त ग्रामवासियों को इस साहसिक निर्णय के लिए बधाई देते हुए कहा कि यदि उत्तराखंड के अन्य गांव भी इसी प्रकार का संकल्प लें तो राज्य नशामुक्त और संस्कारित समाज की दिशा में नई पहचान स्थापित कर सकता है।
नवनिर्वाचित समिति की अध्यक्ष गीता देवी ने कहा कि समिति गांव में सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति अभियान तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेगी।
बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के हित में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय बताया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ ली।
इस अवसर पर जगदीश बडोनी, लक्ष्मी बहुगुणा सहित अनेक गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

