नो व्हीकल डे पर डीएम टिहरी पैदल पहुँची कार्यालय, दिया फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण का संदेश
टिहरी, 18 सितम्बर 2025।
जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल ने आज गुरुवार को ‘नो व्हीकल डे’ का पालन करते हुए अपने सरकारी आवास से कार्यालय तक पैदल यात्रा की। यह पहल न केवल फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी एक प्रेरणादायी कदम है।
फिट इंडिया मूवमेंट से जुड़ी पहल
केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘विकसित भारत संकल्प’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को जनसामान्य तक पहुँचाने के उद्देश्य से डीएम टिहरी ने सप्ताह में एक दिन पैदल चलने का निर्णय लिया है।
- इसका सीधा संदेश है कि अधिकारी से लेकर आम नागरिक तक सभी को फिटनेस और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए।
- यह पहल प्रशासनिक स्तर पर भी सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
व्यस्त जीवनशैली और फिटनेस का महत्व
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आमतौर पर लोग अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं दे पाते।
- ऐसे में जिलाधिकारी का यह कदम इस बात की प्रेरणा देता है कि “यदि इच्छा शक्ति हो तो व्यस्त जीवन में भी फिटनेस के लिए समय निकाला जा सकता है।”
- नियमित पैदल चलना न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है।
पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी
डीएम खण्डेलवाल का यह निर्णय केवल व्यक्तिगत फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व भी है।
- पैदल चलने से प्रदूषण घटता है और ईंधन की खपत कम होती है।
- यह पहल आम जनता को भी यह संदेश देती है कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं।
डीएम टिहरी नितिका खण्डेलवाल का ‘नो व्हीकल डे’ पर पैदल कार्यालय पहुँचना एक प्रशासनिक पहल से कहीं अधिक है। यह कदम फिटनेस, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी—तीनों के प्रति जागरूकता का प्रतीक है।
यदि समाज के हर वर्ग से लोग इस दिशा में योगदान दें, तो निश्चित ही यह आंदोलन व्यापक स्वरूप लेकर एक स्वस्थ और स्वच्छ भारत के संकल्प को मजबूत करेगा।
